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IIIT में ‘शुरुआत बस’, छात्रों के उम्मीदों को मिल रही उड़ान

आइडिया पिच करने का प्लेटफॉर्म ‘शुरुआत बस’ शहर रायपुर में

रायपुर : 11 अप्रैल को दिल्ली से शुरू हुई ‘शुरुआत बस’ की यात्रा आज शाम रायपुर के IIIT पहुंची. ये बस अब तक जयपुर, टोंक, इंदौर और भोपाल की यात्रा कर चुकी है. 20-21 अप्रैल को रायपुर में रहेगी फिर 24 अप्रैल को कानपुर पहुंचेगी और 25-26 अप्रैल को लखनऊ में इसका रूट खत्म होगा.

आज के प्रोग्राम में प्रवक्ताओं ने क्या कहा

Tushar, CEO Innolat Technoligies
Tushar, CEO Innolat Technoligies – “उद्यमशील होने के लिए जुझारू और जुनूनी होना जरुरी”
Vikram, CEO of Medikwik
Vikram, CEO of Medikwik – “उम्मीद को कायम रखना और अथक प्रयास करते रहना जरुरी”
Aayush Baid, Spokesperson TGELF
Aayush Baid, Spokesperson TGELF – “शुरुआत बस की पहल टीजीईएलएफ, फेसबुक और अटल इनोवेशन मिशन के बीच साझेदारी गांधीवादी नमक मार्च के तरह ही अभियान बनकर उभरा जिससे गरीबी और बेरोजगारी के अन्याय के खिलाफ उद्यमिता के आंदोलन के रूप में देखना चाहिए”
Jawahar Suriseti, Guest of Honour. Advisor to Government of India
Jawahar Suriseti, Guest of Honour. Advisor to Government of India – “किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए रचनात्मक एवं लचीला रवैया होना जरुरी”

रायपुर में कहाँ कहाँ जाएगी ‘शुरुआत बस’
19 अप्रैल की शाम 4:30 से 6:00 बजे तक. 20 अप्रैल की सुबह 8:00 से 12:00 बजे तक कृष्णा पब्लिक स्कूल में रुकने के बाद दोपहर 3:00 से 5:00 बजे तक AMITY यूनिवर्सिटी में रहेगी इसके बाद 6:30 से तेलीबांधा तालाब ( मरीन ड्राइव ) में रहेगी.

‘शुरुआत बस’ क्या है
आपको पास एक इनोवेटिव आइडिया है. आपको लगता है कि आपके एक फुलप्रूफ बिजनेस मॉडल है. लेकिन आपको ये नहीं पता है कि इसे किसके सामने और कैसे प्रेज़ेंट करना है. ‘शुरुआत बस’ यही करने में आपकी मदद करेगी. tGELF ने इसे नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन के साथ मिलकर शुरू किया है. 2017 में अपने पहले साल में ये बस दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई, पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े-बड़े शहरों में गई थी. अब 2018 में अपने दूसरे लेग में इसका टारगेट देश की टियर-2 सिटी हैं.

शुरुआत बस के बारे में कुछ जानकारी
इस बस में इनोवेशन ज़ोन, पिचिंग ज़ोन, कॉन्फ्रेंस रूम और सिटिंग एरिया बनाया गया है. इनोवेशन ज़ोन में स्टूडेंट्स अपने मॉडल प्रेज़ेंट करते हैं, जबकि पिचिंग ज़ोन में उन्हें जूरी के सामने अपना आइडिया पिच करने के लिए 100 सेकेंड का वक्त दिया जाता है. इससे स्टूडेंट्स किसी के सामने अपना आइडिया प्रेज़ेंट करना सीखते हैं और उन्हें ऐसे लोगों से मिलने का मौका मिलता है, जो स्टार्टअप में उनकी मदद कर सकते हैं.

पिचिंग कॉम्पिटीशन क्या है
स्कूली बच्चों के बीच पिचिंग कॉम्पिटीशन कराने के लिए ये बस जिस शहर पहुंचती है, वहां का कोई एक स्कूल सेलेक्ट करती है. इसके लिए वही स्कूल चुना जाता है, जहां अटल थिंकिंग लैब स्टैबलिश की गई हो. इसके अलावा बाकी स्कूलों तक जानकारी पहुंचाई जाती है, ताकि वहां के बच्चे भी इसका हिस्सा बन सकें. कॉम्पिटीशन में बच्चों को जूरी के सामने अपना आइडिया रखने के लिए 100 सेकेंड का वक्त दिया जाता है. जूरी जिन बच्चों को चुनती है, उन्हें नेशनल लेवल के कॉम्पिटीशन का हिस्सा बनने का मौका मिलता है.

कॉलेज लेवल पर बस किसी कॉलेज या अटल इनक्यूबेशन सेंटर जाती है, जहां बाकी कॉलेज के स्टूडेंट्स और दूसरे लोग आ सकते हैं. यहां भी 100 सेकेंड वाला पिचिंग कॉम्पिटीशन कराया जाता है. इसके विनर्स को नीति आयोग के फैसले के मुताबिक अवॉर्ड्स दिए जाते हैं.

अटल थिंकिंग लैब क्या है
अटल थिंकिंग लैब केंद्र सरकार का वो प्रोग्राम है, जिसके तहत स्कूलों में वर्कशॉप कराई जाती हैं. इनमें छठी से 12वीं क्लास तक के बच्चे शामिल होते हैं. इसका मकसद बच्चों में साइंटिफिक टेंपरामेंट, इनोवेटिव स्किल्स और आइडिया डेवलप करना है, जिससे वो भारत को ट्रांसफॉर्म करने में अपना योगदान दे सकें. लैब में होने वाली एक्टिविटी इस तरह डिज़ाइन की गई हैं कि वो स्टूडेंट्स के रेगुलर सिलेबस और टेक्स्ट बुक लर्निंग से अलग हैं. ये वर्कशॉप कुछ चुनिंदा स्कूलों में ही कराई जाती है. वहीं अटल इनक्यूबेशन सेंटर में इसी तरह स्टार्ट-अप बिजनेस में इंट्रेस्टेड लोगों पर काम किया जाता है.

स्टूडेंट्स को ‘शुरुआत बस’ से क्या फायदा है
फायदा ये है कि इस पूरे प्रॉसेस के दौरान बिजनेस मॉडल रखने वाले स्टूडेंट्स को जूरी के लोगों और अलग-अलग कंपनियों के एग्जिक्यूटिव्स से मिलने का मौका मिलता है. ये लोग स्टूडेंट्स के मॉडल में सुधार करने और उनका विज़न क्लियर करने में मदद करते हैं. अगर किसी कंपनी को कोई आइडिया इन्वेस्ट करने लायक लगता है, तो वो स्टूडेंट के आइडिया में इन्वेस्ट भी करती है.

एक सक्सेस स्टोरी जानना चाहेंगे?
अहमदाबाद में रहने वाले ऋषभ को ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने में दिक्कत होती थी. कई ऐप्स होती थीं, जिनमें पेमेंट, खाना पहुंचने में टाइम लगने और OTP वगैरह का झंझट होता था. ऋषभ ने देखा कि इससे ढेर सारे लोगों को दिक्कत हो रही है. तो उन्होंने एक टू-वे स्मार्ट पॉइंट ऑफ सेल सिस्टम तैयार किया, जिससे खाना ऑर्डर करना और उसका पेमेंट करना बेहद आसान हो गया. लेकिन उनके इस आइडिया को एक कंप्लीट बिजनेस में बदलने में tGELF और ‘शुरुआत बस’ ने मदद की. ऋषभ के मुताबिक इससे उन्हें पहचान मिली और इन्वेस्टमेंट भी मिला. फाउंडेशन और बस ही वो ज़रिया थी, जिससे वो ढेर सारे असरदार लोगों तक पहुंच पाए.
ये एक ऋषभ की कहानी है. ‘शुरुआत बस’ से फायदा पाने वाले ऐसे ढेर सारे लोग हैं.

क्या है ये फाउंडेशन
सन ग्रुप वाली खेमका फैमिली ने 2005 में दि नंद ऐंड जीत खेमका फाउंडेशन की स्थापना की. फिर इसी फैमिली की गौरी ईश्वरन ने 2006 में tGELF की स्थापना की. 2008 में तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने इसका उद्घाटन किया था. इस फाउंडेशन का मकसद युवाओं में लीडरशिप क्वॉलिटी डेपलप करना है, जो पैसों के साथ-साथ एथिकली भी कुछ बेहतर कर सकें. इसी मकसद ने फाउंडेशन ने 2017 में ‘शुरुआत बस’ की पहल की.

Opinion Poll
With assembly election ahead With assembly election ahead, well known Digital Media platform clipper28.com has decided to gauge the mood of Chhattisgarh through its own opinion poll. As an aware voter and stakeholder of the democratic process, kindly do answer the following questions so that prevailing mood of state can be ascertained.
Name
Age
Assembly Segment
Phone Number
Which party will emerge as the single largest party?
Which party will win how many seats?
Whom would you like to see as next Chhattisgarh Chief Minister?
Have you witnessed development work in your area?
Do you think that farmers of Chhattisgarh are satisfied with BJP government?
Do you think youngsters are happy with employment scenario created by Chhattisgarh/state government?
Do you think state government has done enough on issue of women empowerment?
Are you satisfied with work done by your legislator? Have electoral promises been fulfilled or not?
Are you satisfied with the amenities provided by the government in your area?
Do you think the state government has successfully tackled naxal menace?
Are you satisfied with work done by different state Ministers?

Please do vote...

ओपिनियन पोल
छत्तीसगढ़ की आगामी विधानसभा चुनाव के लिए डिजिटल मीडिया ‘clipper28.com’ नेसटीक ओपिनियन पोल करनेका निश्चय किया है. अतः आप नीचे दिए सवालों के निष्पक्ष जवाब देंताकि राज्य की आने वाले दिनों की सही सियासी तस्वीर सामनेआ सके. कृपया अपना मत जरूर दें- With assembly election ahead
नाम
विधानसभा क्षेत्र
आयु
फ़ोन नं
विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी कौन सी होगी ?
किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेगी?
अगले मुख्यमंत्री के रूप में किसे देखना चाहेंगे?
क्या आपके क्षेत्र में विकास दिखाई पड़ रहा है?
क्या छत्तीसगढ़ का किसान भाजपा शासन से संतुष्ट है?
जो रोजगार छत्तीसगढ़ सरकार ने दिया, क्या उससे युवा वर्ग संतुष्ट है?
राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जो किया, उससे महिलाएं संतुष्ट हैं?
क्या आप अपने विधायक से संतुष्ट हैं? उन्होंने अपने वादे पूरे किए या अधूरे हैं उनके काम?
क्या आप अपने क्षेत्र की सरकारी सुविधाओं सेसंतुष्ट हैं?
क्या नक्सली समस्या पर नियंत्रण हुआ है?
क्या प्रदेश के मंत्रियों के कामकाज से संतुष्ट हैं?
-देश हित के लिए मतदान अवश्य करें-

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