बिगड़ते रिश्तों के पीछे कहीं आपके घर का वास्तु तो नहीं!

वास्तु के अनुसार घर का ईशान कोण यानि उत्तर-पूर्वी कोना खंडित होने से पिता-पुत्र में आपसी मामलों को लेकर हमेशा झगड़े होते हैं

वास्तुशास्त्र एक ऐसा शास्त्र माना जाता है, जिसमें मानव जीवन की बहुत सी समस्याओं का समाधान है। घर हो या ऑफिस इसमें हर वो चीज़ के बारे में बताया है, जो मानव जीवन से संबंध रखती है और उस पर अच्छा-बुरा प्रभाव डालती है।

इतना ही नहीं वास्तु के जरिए कोई भी व्यक्ति अपनी मैरिड लाइफ में चल रही प्रॉब्लम्स का अंत कर सकता है। तो आज बात करते हैं कुछ ऐसे वास्तु टिप्स जिनको अपनाकर अपने बिगड़ते रिश्तों को संवार सकते हैं। यह कुछ ऐसे ही टिप्स हैं, जिन्हें अपनाकर सभी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है-

वास्तु के अनुसार घर का ईशान कोण यानि उत्तर-पूर्वी कोना खंडित होने से पिता-पुत्र में आपसी मामलों को लेकर हमेशा झगड़े होते हैं।

इसलिए हर किसी को अपने घर के उत्तर-पूर्वी कोने को हमेशा ठीक रखना चाहिए। इसके साथ ही घर का ईशान भाग (उत्तर-पूर्व) का उठा होना भी अशुभ माना जाता है। अगर यह उठा हुआ होता है तो पिता-पुत्र के संबंधों में मधुरता व नज़दीकी की कमी रहती है। इसलिए घर बनवाते समय इस बात का खास ध्यान रखें।

कहा जाता है कि घर के उत्तर-पूर्व दिशा में रसोई घर या शौचालय का होना भी घर के लोगों के आपसी संबंधों को प्रभावित करता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं।

इलेक्ट्रॉनिक सामान, ज्वलनशील पदार्थ या गर्मी उत्पन्न करने वाले अन्य उपकरणों को ईशान (उत्तर-पूर्व) में रखने से पुत्र पिता की आज्ञा नहीं मानता है और घर-परिवार को अपमानित करता है। घर की उत्तर-पूर्वी दिशा में इन चीजों को नहीं रखना चाहिए।

वास्तु के मुताबिक घर की उत्तर-पूर्व दिशा में कूड़ेदान बनाने या कूड़ा रखने से भी घर के सदस्यों में मन-मुटाव और जलन आदि की भावना पैदा होने लगती हैं। इसलिए किसी को भी अपने घर में इस दिशा में कूड़ादान नहीं रखना चाहिए।

मैरिड कपल को अपने कमरे में कांच को कभी नहीं रखना चाहिए या ऐसी जगह न रखें जिससे मिरर में बेड दिखे। इससे घर में बीमारी आती है और नेगेटिव एनर्जी भी फैलती है। इसके साथ ही कपल के बीच आपसी प्यार कम होने लगता है और झगड़ें बढ़ने लगते हैं।

अगर किसी के घर में बहुत ज्यादा झगड़ें होते हों तो उसे अपने घर को हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिए। वास्तु की दृष्टि से घर के उत्तर-पूर्व दिशा को साफ-सुथरा रखना बहुत ज़रूरी होता है। ऐसा करने से घर में सुख-शांति बढ़ती है।

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