शिक्षक बनना उतना आसान नहीं, जितना आम तौर पर समझा जाता है : सुमित्रा महाजन

रायपुर : लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने कहा है कि बच्चों में शिक्षा और संस्कार के बीज बोना वास्तव में काफी चुनौती पूर्ण कार्य है। इसलिए शिक्षक अथवा अध्यापक बनना उतना आसान नहीं है, जितना की आम तौर पर समझा लिया जाता है। शिक्षक अपने ज्ञान और कौशल से बच्चों पर ऐसा गहरा प्रभाव डालते हैं कि उनकी कही गई बातों पर विद्यार्थी आसानी से विश्वास कर लेते हैं। शिक्षकों के सामने नयी पीढ़ी को शिक्षित और संस्कारित करने की बड़ी जिम्मेदारी होती है। श्रीमती महाजन आज छत्तीसगढ़ के जिला मुख्यालय बेमेतरा में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रही थीं।

समारोह में उन्होंने और मुख्यमंत्री ने जिले के 26 सेवानिवृत्त शिक्षकों सहित बीस प्रतिभावान विद्यार्थियों दो प्रतिभावान दिव्यांग बच्चों और राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार प्राप्त एक छात्र को सम्मानित किया। श्रीमती महाजन और डॉ. सिंह ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनके स्वस्थ, सुदीर्घ और खुशहाल जीवन की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप, सहकारिता, पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री दयालदास बघेल, विधायक श्री अवधेश चंदेल और अन्य अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे। मुख्य अतिथि की आसंदी से समारोह को सम्बोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती महाजन ने राज्य, देश और समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने बेमेतरा में स्थानीय नागरिक समाज की भागीदारी से विगत 32 वर्षों से हर साल आयोजित हो रहे शिक्षक सम्मान समारोह की प्रशंसा की और इसके लिए आयोजकों को भी बधाई दी।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा – समाज की भागीदारी से शिक्षकों के सम्मान की यह परम्परा वास्तव में अनुकरणीय है। यह खुशी की बात है कि सभी दलों, सामाजिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से यह आयोजन किया गया। श्रीमती महाजन ने यह भी कहा कि शिक्षकों पर बच्चों के भविष्य निर्माण का बड़ा दायित्व होता है। बच्चों का भविष्य उनके हाथों में होता है। इसलिए समाज में शिक्षकों के योगदान को ध्यान में रखना और सेवानिवृत्ति पर उन्हें सम्मानित करना हम सबके लिए बहुत जरूरी है। श्रीमती महाजन ने कहा – राष्ट्र और समाज में शिक्षकों की भूमिका को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि शिक्षक कभी रिटायर नहीं होते। सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे समाज को दिशा देने का कार्य करते रहते हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए शुभेच्छा प्रकट करते हुए उनसे जीवन में हमेशा सक्रिय रहने का आव्हान किया और कहा कि सक्रियता बनी रहने से तन-मन के साथ दिमाग भी स्वस्थ रहता है। श्रीमती महाजन ने प्रतिभावान विद्यार्थियों और सम्मानित हुए दिव्यांग बच्चों तथा राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार प्राप्त छात्र को भी बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा – शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष रूप से ध्यान दें। श्रीमती महाजन ने समारोह में आमीन और सुरभि नामक दो बालिकाओं से कुछ सवाल भी किए, जिनका इन बच्चों ने उत्तर दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा- बेमेतरा में शिक्षकों के सम्मान के लिए होने वाला यह वार्षिक आयोजन वास्तव में काफी अनूठा है। बेमेतरा के लोगों में शिक्षा के प्रति लगाव और शिक्षकों को सम्मान देने के सराहनीय संस्कार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा शिक्षा गुणवत्ता के मामले में भी बेमेतरा की अलग और विशेष पहचान है। यहां कई ऐसे शैक्षणिक संस्थान संचालित हो रहे है, जिनमें पढ़ने के लिए राज्य के बाहर के बच्चे भी आते हैं। डॉ. रमन सिंह ने कहा – स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर राज्य सरकार विशेष रूप से ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा – पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नाम पर प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता अभियान चलाया जा रहा है। – पूरे प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा स्कूलों में लगभग 54 लाख बच्चों के लिए दो लाख 44 हजार शिक्षक नियुक्त है। डॉ. सिंह ने कहा – वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद बेमेतरा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय विकास हुआ है। लगभग पांच साल पहले वर्ष 2012 में बेमेतरा जिले का निर्माण हुआ। जिला बनने के बाद यहां विकास के कार्यांे में और भी तेजी आयी है।

सूखे की विपदा में सरकार हर कदम पर किसानों के साथ: डॉ. रमन सिंह
सूखे की स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक विपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी है। प्रदेश के 13 लाख से ज्यादा किसानों को वर्ष 2016-17 में सहकारी समितियों में उनके द्वारा बेचे गए धान पर 300 रूपए प्रति क्विंटल दर से प्रोत्साहन राशि (बोनस) देने का निर्णय लिया गया है। यह बोनस उन्हें दीपावली से पहले दे दिया जाएगा। बेमेतरा जिले के किसानों को भी बोनस मिलेगा। डॉ. रमन सिंह ने कहा – सूखे की स्थिति का सर्वेक्षण करने के बाद राजस्व पुस्तक परिपत्र (आर.बी.सी.) 6-4 के प्रावधानों के तहत उन्हें फसल क्षति का उचित मुआवजा भी दिया जाएगा। प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भी लाभ मिलेगा। डॉ. सिंह ने कहा – राज्य के 21 जिलों की 96 तहसीलों को नजरी आंकलन के आधार पर सूखाग्रस्त घोषित किया गया है और वहां के जिला कलेक्टरों को गांवों में रोजगार मूलक कार्य जल्द शुरू करने तथा पेयजल संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने समारोह में सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षकों और उनके साथ सम्मानित हुए प्रतिभावा स्कूली बच्चों को भी बधाई और शुभकामनाएं दी।

सम्मानित हुए शिक्षक और विद्यार्थी
समारोह में जिन सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया, उनमें श्री गोकुल बेमेतरा में आयोजित प्रसाद शर्मा प्रधान अध्यापक शा.पू.मा. शाला पिपरभट्ठा, श्री कपिल सिंह वर्मा प्रधान अध्यापक शा.प्रा.शाला बीजाभाठ, श्रीमति शशि बख्शी प्रधान अध्यापक शा.पू.मा. शाला निनवा, श्री चन्द्रशेखर पांडेय प्रधान अध्यापक शा.पू.मा. शाला हेमाबंद, श्री जवाहर लाल वर्मा प्रधान अध्यापक शा.पू.मा. शाला पचभैया, श्री रामकुमार साहू प्रधान अध्यापक शा.प्राथमिक शाला तेन्दूभाठा, श्री चोवाराम साहू व्याख्याता शा.बा. उच्च. माध्य शाला बेमेतरा, श्री रमेश कुमार परगनिया व्याख्याता शा. उच्च. मा. शाला कुसमी, श्री घासीराम वर्मा प्रधान अध्यापक शा.पू.मा. शाला देवादा, श्री पूनाराम सिहोरे प्रधान अध्यापक शा.प्रा. शाला बचेड़ी, श्री उत्तम कुमार चंदेल प्रधान अध्यापक शा.पू.मा. शाला तिवरैया, श्रीमति शशिलता अग्रवाल प्रधान अध्यापक शा.प्रा. शाला बेरला, श्री सुशील कुमार बंछोर प्रधान अध्यापक शा.प्रा. शाला कोहड़िया, श्री रामप्रकाश सिहोरे प्रधान अध्यापक शा.प्रा. शाला चिखला, श्री ढालेन्द्र सिंह परगनिया प्रधान अध्यापक शा.पू.मा. शाला आन्दू, श्री व्यास नारायण शर्मा प्रधान अध्यापक शा.पू.मा. शाला लोधीखपरी, श्री प्यारे सिंह ठाकुर सहा. शिक्षक शा.प्रा. शाला सोनपान्डर, श्री कृश्णा सिंह वर्मा सहा. शिक्षक शा.प्रा. शाला गर्रा, श्री भवानी राम देवांगन प्रधान अध्यापक शा.पू.मा. शाला मोहतरा, श्री शेषनारायण यादव प्रधान अध्यापक शा.पू.मा. शाला भरमपुरी, श्री नाहरू दास जांगड़े प्रधान अध्यापक शा.प्रा. शाला बोतका, श्री उदवर सिंह मरकाम व्याख्याता शा.उ.मा. शाला रानो, श्री विरेन्द्र कुमार तिवारी प्रधान अध्यापक शा.प्रा. शाला जांता, श्री जगमोहन प्रसाद स्वर्णकार प्रधान अध्यापक शा.प्रा. शाला राखी, श्री भगवंत कुमार कश्यप प्रधान अध्यापक शा.पू.मा. शाला ठेलका एवं श्रीमति शालिनी मार्टिन प्रधान अध्यापक शा.प्रा. शाला अडार शामिल है।

उनके अलावा समारोह में जिन प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, उनमें हाईस्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा – 2017 छत्तीसगढ़ पाठयक्रम में कु. रश्मि वर्मा शासकीय उ.मा. वि. गोडगिरी एवं श्री विनय साहू शासकीय उ.मा. वि. मुरता, हायर सेकण्डरी सर्टिफिकेट परीक्षा – 2017 छ.ग. पाठयक्रम में कु. आफरीन खान शासकीय उ.मा. वि. मोहगांव, संदीप कुमार शासकीय उ.मा. वि. देवरबीजा, कु. रेनुका साहू शासकीय उ.मा. वि. गुधेली, योगेश कुमार शासकीय उ.मा. वि. कोंगियाकला, कु. आकांक्षा शासकीय कन्या उ.मा. वि. साजा, कु. सपना वर्मा शासकीय कन्या उ.मा. वि. बेमेतरा, सतीश कुमार शासकीय उ.मा. वि. पदुमसरा, कु. पूजा शासकीय कन्या उ.मा. वि. बेरला, टेकराम शासकीय बालक उ.मा. वि. दाढ़ी, कु. योगेश्वरी घृतलहरे इंडियन पब्लिक स्कूल नवागढ़, शिवम शर्मा शासकीय उ.मा. वि. पिकरी, पोशण कुमार शासकीय उ.मा. वि. चेचानमेटा शामिल है। हायर सेकण्डरी सर्टिफिकेट परीक्षा – 2017 सी.बी.एस.ई. पाठयक्रम में सार्थक रंजन स्वेन एलान्स पब्लिक स्कूल बेमेतरा, कु. पृथा तिवारी ऐकेडमिक वर्ल्ड स्कूल बेमेतरा, आदर्श चंद्राकर एलान्स पब्लिक स्कूल बेमेतरा, कु. रिशिता तिवारी एलान्स पब्लिक स्कूल बेमेतरा, आशुतोष सिंघानिया एलान्स पब्लिक स्कूल बेमेतरा, कु. प्रियल चांडक एलान्स पब्लिक स्कूल बेमेतरा है। हाईस्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा – 2017 छ.ग. पाठयक्रम में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले दिव्यांग छात्र भागचंद शा. उ.मा. विद्यालय परसबोड़ और हायर सेकण्डरी सर्टिफिकेट परीक्षा – 2017 छ.ग. पाठयक्रम में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले नीलचरण शिव.राठी.शा.उ.मा. विद्यालय पिकरी को भी सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार प्राप्त छात्र तुषार वर्मा को भी सम्मानित करेंगी। तुषार बेमेतरा जिले के ग्राम भिभौंरी स्थित जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बारहवीं कक्षा के छात्र हैं।

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