ठंडा होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद मटका का पानी

जागेश्वर सिन्हा:

बालोद: खुद ही में है समुंदर मेरा, फिर भी जाने कैसी ये प्यास है,फ्रीज-कूलर के इस आधुनिक जमाने में, आज भी मुझे ठंडे पानी के मटके की तलाश है। यह शायरी हमे गर्मी के दिन आते ही याद आने लगते है मटके और उनका ठंडा पानी। गरीबों का फ्रिज कहे जाने वाला मटके का है।

आपको बता दे कि ठंडा होने के साथ-साथ मटका का पानी सेहत के लिए फायदेमंद भी होता है। हालांकि आधुनिक युग में मशीनरी का ज्यादा उपयोग हो रहा है लेकिन आज भी घरों में मटकों का स्थान बरकरार है। पीढिय़ों से लोग मिट्टी से बने पात्र अर्थात मटके का उपयोग कर रहे है।

जानकरों का कहना है

मिट्टी से बने घड़े में रोगों से लडऩे की क्षमता पाई जाती है और यह हमें स्वस्थ रखने में भी अहम भूमिका निभाते है। मिट्टी मे शुद्धिकरण के गुण होते है इसलिए मटके में रखे पानी को सभी सूक्ष्म पोषक तत्व मिलता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इसमें पानी सही तापमान पर रहता है। मटके का पानी न तो अधिक ठंडा होता है न गर्म।

गर्मियों में लोग फ्रिज या बर्फ का पानी पीते है। इस पानी पीने से वात बढ़ता है क्योंकि इसके पानी की तासीर गर्म होती है। वही बर्फ का पानी पीने से कब्ज व गला खराब होने की शिकायत रहती है। जबकि इसके विपरीत घड़े का पानी जितना ठंडा होगा उतना अधिक फायदा कर संतुष्टि प्रदान करता है।

आप रखे ये सावधानी

पानी अच्छी तरह छानकर रखना चाहिए।

घड़े को कीटाणु रहित व स्वच्छ स्थान पर रखे।

घड़े में मैल जल्दी जमा होता है इसलिए उसे घिसकर साफ रखे।

धोने के बाद घड़े को सुखाए फिर पानी भरे।

धूल, कीड़ों से पानी को बचाने के लिए हमेशा इसे ढंक कर रखें।

मटके का पानी रोजाना बदलना चाहिए।

मटके के पानी पीने से ये फायदे

घड़े के पानी से थकान दूर होती है।

इसके पानी से पेट की बीमारी नहीं होती।

सुबह घड़े का पानी पीना आंखों और हृदय के लिए लाभदायक है।

गले और पेट की जलन का भी घड़े का पानी दूर करता है।

चोट लगने पर इसका पानी डालने से राहत मिलती है।

पारंपरिक रूप से मटके का पानी गले के लिए अच्छा होता है तथा फ्रिज के ठंडे पानी की अपेक्षा में इसका सेवन करना फायदेमंद है। परिवार के बुजुर्ग भी केवल मटके का पानी पीने की सलाह देते हैं ताकि आप बीमार न पड़ें।

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