मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना का बेहतर क्रियान्वयन हो : वन मंत्री अकबर

योजना में सभी नागरिक, ग्राम पंचायत तथा संयुक्त वन प्रबंधन समितियां होंगी पात्र

  • धान की फसल के बदले अपने खेतों में वृक्षारोपण करने पर कृषक को 3 वर्षों तक मिलेंगे प्रति एकड़ 10-10 हजार रूपए की राशि
  • कैम्पा में निर्माणाधीन कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश

रायपुर, 15 जून 2021 : राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ में वृक्षारोपण कार्य को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक जून 2021 से ‘‘मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना‘‘ लागू की गई है। इसमें छत्तीसगढ़ राज्य के सभी नागरिक, निजी भूमि की उपलब्धता अनुसार तथा सभी ग्राम पंचायतों एवं संयुक्त वन प्रबंधन समितियां योजना का लाभ लेने हेतु पात्र होंगे।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी के शंकर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान कैम्पा के तहत निर्माणाधीन कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री अकबर ने बताया 

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री अकबर ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में वृक्षारोपण को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करना है। साथ ही पर्यावरण में सुधार लाकर जलवायु परिवर्तन के विपरीत प्रभावों को कम करना है। इसमें निजी क्षेत्र, कृषकों, शासकीय विभागों एवं ग्राम पंचायतों को भूमि पर ईमारती, गैर ईमारती प्रजातियों के वाणिज्यिक-औद्योगिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी तरह कृषकों की आय में वृक्षारोपण के माध्यम से वृद्धि करते हुए उनके आर्थिक, सामाजिक स्तर में सुधार लाना है। निजी भूमि पर रोपित तथा पूर्व से खड़ो वृक्षों के पातन तथा काष्ठ के परिवहन नियमों को सुगम बनाकर, नागरिकों को निजी भूमि पर रोपण हेतु आकर्षित करना है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जिन किसानों ने खरीफ वर्ष 2020 में धान की फसल ली हैे, यदि वे धान फसल के बदले अपने खेतों में वृक्षारोपण करते हैं, तो उन्हें आगामी 3 वर्षों तक प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसी तरह ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक वृक्षारोपण किया जाएगा, तो एक वर्ष बाद सफल वृक्षारोपण की दशा में संबंधित ग्राम पंचायतों को शासन की ओर से 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

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इससे भविष्य में पंचायतों की आय में वृद्धि हो सकेगी। इसके अलावा संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक आधार पर राजस्व भूमि पर वृक्षारोपण किया जाता है, तो पंचायत की तरह ही संबंधित समिति को एक वर्ष बाद 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वृक्षों को काटने व विक्रय का अधिकार संबंधित समिति का होगा।

वन मंत्री अकबर ने बैठक में कैम्पा मद के तहत स्वीकृत विभिन्न कार्यों नरवा विकास, नर्सरी उन्नयन कार्य वृक्षरोपण कार्य, रोड निर्माण कार्य, भू-जल संरक्षण कार्य, हाईटेक रोपणी कार्य, लेन्टाना उन्मूलन कार्य, संवदेनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य, अग्नि सुरक्षा कार्य, आवास एवं भवन निर्माण कार्य और वन्य प्राणी प्रबंधन तथा सुरक्षा आदि कार्यों की प्रगति की वनवृत्तवार विस्तार से समीक्षा की और निर्माणाधीन कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) पी.व्ही. नरसिंगराव, कैम्पा केे मुख्य कार्यपालन अधिकारी व्ही.श्रीनिवास राव तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड जे.ए.सी.एस.राव सहित समस्त मुख्य वन संरक्षक उपस्थित थे।

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