भाजयुमो नेता उमेश ने कांग्रेस सरकार पर कसा ये तंज, बोले- कहां हो भूपेश, संभालो जरा प्रदेश

सरकार की कथनी और करनी का फर्क सामने आ चुका है

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सीधी भर्ती पर एक साल के लिए रोक लगाने के फैसले पर कड़ा प्रहार करते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता उमेश घोरमोड़े ने कहा है कि इस सरकार की कथनी और करनी का फर्क सामने आ चुका है। कर्जा माफी के नाम पर किसानों को धोखा देने वाली सरकार ने युवाओं को बेरोजगारी भत्ते के नाम पर छला और अब किसानों की कर्ज माफी, युवाओं का बेरोजगारी भत्ता तो दूर की बात एक साल के लिए सीधी भर्ती पर भी रोक लगा दी है। कांग्रेस की भूपेश सरकार ने छत्तीसगढ़ में जिस तरह आर्थिक विसंगतियों का ढेर लगाया है, उससे यह राज्य विकास की मुख्यधारा से कटकर मध्य प्रदेश के जमाने वाले दौर में पहुंचने के लिए मजबूर हो गया है।

श्री घोरमोड़े ने कहा कि भूपेश बघेल को जनता ने जिन उम्मीदों के साथ प्रदेश की सत्ता सौंपी, वे सारी उम्मीदें अब निराशा में बदल चुकी हैं। विधानसभा चुनाव के समय भूपेश बघेल और पूरी कांग्रेस पार्टी प्रदेश के 50 लाख बेरोजगारों की दुहाई देते हुए घड़ियाली आंसू बहा रहे थे लेकिन सत्ता में आते ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि राज्य के बेरोजगार युवा उनके लिए किसी डिस्पोजल आइटम से कम नहीं थे इसीलिए अब कांग्रेस की सरकार यूज़ करने के बाद यूथ को थ्रो कर रही है। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जिस तरह बेरोजगारों से झूठ बोल कर वोट लिए उसी तरह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पूरे देश के बेरोजगारों से रोजगार देने का झूठा वादा कर रहे हैं।

देश के युवा देख सकते हैं कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार ने बेरोजगार युवाओं के साथ किस तरह भद्दा मजाक किया है और देश के युवा यह समझ सकते हैं कि जब एक राज्य में कांग्रेस की छोटी नीयत सामने आ चुकी है तो इतने विशाल देश में राहुल गांधी 20 लाख युवाओं को कहां से रोजगार दे सकते हैं।युवा नेता घोरमोड़े ने कहा कि कांग्रेस की झूठ मंडली अपने मुखिया के स्वर में ताल मिला रही है। राहुल का झूठ कम ना पड़े इसलिए एक के साथ एक फ्री वाले अंदाज में भूपेश बघेल को भी झूठ का संचार करने के लिए उत्तर प्रदेश बुलाया गया है। जिसका अपना प्रदेश नहीं संभल रहा, वह उत्तर प्रदेश में जाकर झूठ के नए-नए ग्रंथ रचने में व्यस्त है। बेहतर होगा कि भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ की जनता को भगवान भरोसे छोड़ने की बजायअपने उत्तरदायित्व का निर्वाह करें और बेरोजगारों से किया गया वादा निभाते हुए बेरोजगारी भत्ते का वितरण शुरू कराएं। साथ ही बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का जो वादा उन्होंने किया था उसे भी निभायें।

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