भरत प्रजापति ने शिकायत को बताया पुर्णतः निराधार, कहा मुझे व जीवन, मोती को जबरदस्ती बनाया गया शिकायत का हिस्सा

अरविंद शर्मा:

कटघोरा: कुछ दिनों पूर्व मीडिया में प्रकाशित खबर ग्राम पंचायत रामपुर की जहाँ पीड़ित ने बताया था कि ऋण पुस्तिका बनवाने के बहाने रजिस्ट्री करवा ली वाली खबर को कासनिया निवासी भरत प्रजापति, मोती व जीवन महंत ने निराधार व मनगढ़ंत कहानी बताते हुए कहा कि इस मामले में हमे जबरदस्ती हिस्सा बनाकर झूठी शिकायत में फसाया गया है। किसान के द्वारा थाने में शिकायत केवल हमे मानसिक व आर्थिकरूप से प्रताड़ित करने के लिए की गई है।

आगे चर्चा में भरत ने जानकारी के अनुसार बताया

आगे चर्चा में भरत ने जानकारी के अनुसार बताया कि रामपुर निवासी दयानाथ ने पूरे नियमो के तहत रजिस्ट्री का पालन किया था जिसमे दयानाथ और उसका भाई अपनी रजामंदी से रजिस्टार कार्यालय में उपस्थित होकर रजिस्ट्री किये थे।

भरत ने ये भी बताया कि किसान को चालीस हजार का चेक भी दिया गया था लेकिन किसान व उसके वासिनो ने तीन साल से चेक क्लियर नही करवाया जिस वजह से किसान को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

भरत ने मानवता पेश करते हुए किसान के चेक को क्लियर करवाने में उसकी मदद करने की बात कही थी और किसान की शिकायत पर प्रतिक्रिया न करते हुए सहयोग की भावना व्यक्त की थी।लेकिन सहयोग लेने की बजाय किसान व उसका परिवार जाति का फायदा उठाते हुए केवल प्रताड़ित करने की मंशा बनाकर बैठा है जिसकी वजह से भरत प्रजापति, मोती और जीवन भी अब किसान के इस रवैये से परेशान हो चुके थे और इन्होंने भी किसान के खिलाफ कटघोरा थाने में लिखित शिकायत दी है।

भरत ने बताया कि किसान ने मीडिया को गुमराह कर झूठी खबर प्रकाशित करवाई थी जिसमे मीडिया दोषी नही है बल्कि मैं मीडिया को धन्यवाद देता हूं, अब मुझे इस परिवार के काले कारनामो की सच्चाई उजागर करने में कोई परहेज नही होगा। जबकि इस परिवार के कई मामले आज भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। अगर इनकी नियम से जांच की जाए तो पूरी सच्चाई सामने आ जायेगी।

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