भारतीय जनता पार्टी ने जारी किया घोषणापत्र, कहा – राष्ट्रवाद हमारी प्रेरणा, अंत्योदय हमारा दर्शन और सुशासन मंत्र

नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है. पार्टी ने इसे ‘संकल्प पत्र’ नाम दिया है. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि घोषणापत्र में तीन प्रमुख बातों का उल्लेख है. राष्ट्रवाद हमारी प्रेरणा है. अंत्योदय दर्शन है और सुशासन मंत्र है. वन मिशन, वन डायरेक्शन को लेकर आगे बढ़ने का लक्ष्य रखा है. एक ही डंडे से सबको हांका नहीं जा सकता है, इसलिये सबको समाहित करने की कोशिश की है. पीएम मोदी ने कहा कि हमारी कोशिश मल्टी लेयर यानी सबको एड्रेस करने की कोशिश की है. जैसी जहां आवश्यकता हो, उसके अनुरूप आगे बढ़ना चाहते हैं. हम एक अलग जल शक्ति मंत्रालय बनाएंगे. नदी तट की संस्कृति में मछुआरे बड़ा माध्यम रहे हैं.

पीएम ने कहा कि जो काम 50-60 के कालखंड में होना चाहिए था, वह हमें 2014 में करना पड़ा. सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश है. विकास को जन आंदोलन बनाएंगे. दिल्ली के एसी कमरों में बैठकर गरीबी को परास्त नहीं किया जा सकता है. गरीब ही गरीबी को दूर कर सकता है और उन्हें सशक्त बनाना होगा. पीएम ने कहा कि मैं बदलाव को बारीकी से देखता हूं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में भ्रष्टाचार को दूर करने में हमें सफलता मिली है. शासन व्यवस्था में कई रिफॉर्म्स किये हैं. हमारा संकल्प पत्र सुशासन पत्र भी है और राष्ट्र की सुरक्षा और खुशहाली का संकल्प पत्र भी है. 2047 में देश विकासशील से विकसित बने यह कोशिश है. इसकी नींव अभी रखनी होगी.

इस दौरान घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस संकल्प पत्र के माध्यम से हम देश की जनता की आकांक्षाओं को विजन डॉक्यूमेंट के रूप में पेश कर रहे हैं. इस संकल्प पत्र के माध्यम से हम नए भारत के निर्माण की दिशा में कदम उठा रहे हैं. विकास का चक्का तेजी के साथ चल पड़ा है. पीएम के प्रति जनता का भरोसा बढ़ा है. देशवासियों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करने में कामयाबी हासिल की है. राजनाथ सिंह ने कहा कि हमने करोड़ों लोगों से संपर्क किया. सोशल मीडिया का भी सहारा लिया. लोगों के मन की बात समझने की कोशिश की. विशेषज्ञों से भी परामर्श लिया. हमारे संकल्प पत्र में 75 संकल्प हैं. उन्होंने संकल्प पत्र के प्रमुख बिंदुओं को गिनाते हुए कहा कि राष्ट्रवाद के प्रति हमारी पूरी प्रतिबद्धता है. आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस है. वहीं यूनीफॉर्म सिविल कोड के प्रति भी प्रतिबद्धता है.

गृहमंत्री ने कहा कि घुसपैठ रोकने के लिए जो भी करना होगा करेंगे. देश की सुरक्षा के साथ सरकार किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेगी. राम मंदिर को लेकर हम अपना पुराना संकल्प दोहराते हैं. कोशिश होगी कि जल्द ही सौहार्दपूर्ण माहौल में मंदिर का निर्माण हो. एक लाख के कर्ज पर 5 सालों तक ब्याज जीरो होगा. वहीं, देश के गांवों के विकास के लिए 25 लाख करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा. किसान क्रेडिट कार्ड पर 5 साल तक ब्याज नहीं देना होगा. वहीं, सीमांत किसानों को 60 साल के बाद पेंशन भी देंगे. राजनाथ सिंह ने कहा कि हमने संकल्प लिया है कि राष्ट्रीय व्यापार आयोग बनाएंगे. देश के छोटे दुकानदारों को भी पेंशन की सुविधा देंगे. हमने तय किया है कि भारत के अंदर जो क्षेत्रीय असंतुलन है, उसको समाप्त करके ही दम लेंगे. हमने एक साथ चुनाव के मुद्दे पर भी सहमति बनाने का संकल्प लिया है. एक देश, एक चुनाव की कोशिश है. केंद्र-राज्य के संबंधों को मजबूत करने के लिए और कदम उठाएंगे. 2022 तक किसानों की आय दोगुना करेंगे. सभी सिंचाई योजनाएं पूरा करने की कोशिश है.

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमने तय किया है कि प्रबंधन संस्थाओं में सीटों की संख्या बढ़ाने की कोशिश होगी. इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी. लॉ कॉलेजों में सीट बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जाएगा. सभी घरों को बिजली मुहैया कराने का लक्ष्य है. साथ ही सभी घरों में पेयजल व शौचालय उपलब्ध कराने की कोशिश होगी. नेशनल हाइवे की संख्या दोगुनी. वेस्ट मैनेजमेंट सुनिश्चित करेंगे. 2022 तक सभी रेल पटरियों का ब्रॉड गेज में परिवर्तन हो जाए. आयुष्मान योजना के तहत 1.5 लाख वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे. 75 नए मेडिकल कॉलेज भी खोले जाएंगे. पूरी कोशिश होगी कि ट्रेंड डॉक्टर और जनसंख्या के अनुपात को और सुधारा जाए. निर्यात को दोगुना करने का प्रयत्न होगा. गुड गवर्नेंस के तहत सभी को 5 किलोमीटर के अंदर बैंकिंग सुविधा उपलब्ध हो, इसकी भी कोशिश होगी. अदालतों के डिजिटाइजेशन की कोशिश होगी. 6 आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय के निर्माण का कार्य पूरा करेंगे. गृहमंत्री ने कहा कि फोर्सेज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है. 2020 तक स्वच्छ गंगा का लक्ष्य प्राप्त करेंगे.

वहीं, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि हमारा घोषणापत्र ‘टुकड़े-टुकड़े मांसिकता’ से तैयार नहीं किया गया है, बल्कि व्यापक विचार-विमर्श के बाद इसे तैयार किया गया है. आज देश का माहौल भिन्न है. हमारी नीतियों को वैश्विक समर्थन मिला है. इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या हमें ऐसे सरकार की जरूरत है जिसका कोई विजन न हो. जहां नेता आपस में नेतृत्व के लिए लड़ रहे हों. इस दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि बाकी सभी पार्टियों ने घोषणापत्र जारी किया है, लेकिन बीजेपी संकल्प पत्र लेकर आई है. 2014 में हमने जो कहा था, उससे ज्यादा करके दिखाया. हर क्षेत्र में प्रगति हुई है, लोग सुनकर चौंक जाते हैं. भारत का प्रभुत्व मोदी जी के नेतृत्व में जितना बढ़ा है, उतना कभी नहीं था.

इससे पहले, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि मैं आज 2014 की याद दिलाने के लिए खड़ा हूं. 2014 में भाजपा ने उस वक्त के तत्कालीन गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी जी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाया था. उस वक्त संकल्प पत्र और भाजपा का विजन लेकर हम आपके सामने लेकर आए थे. 2014 में हमारा सम्मान रखते हुए इस महान देश की जनता ने एतिहासिक जनादेश दिया था. 30 साल के बाद पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार बने. नरेंद्र मोदी देश के पीएम बने. पूर्ण बहुमत होने के बावजूद एनडीए की सरकार बनाई. एनडीए की सरकार ने अपना कामकाज मोदी जी के नेतृत्व में शुरू किया.

अमित शाह ने कहा कि जब कभी भी भारत के विकास का इतिहास लिखा जाएगा तो 2014 से 2019 तक ये पांच साल स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे. इन पांच साल में मोदी जी के नेतृत्व में एक निर्णायक सरकार देने का काम मोदीजी ने किया है. गैस के सिलेंडर, घर, बिजली, शौचालय, स्वास्थ्य को लोगों तक पहुंचाने में मोदी सरकार को सफलता मिली है. खुद पीएम मोदी ने निगरानी रखते हुए हर गरीब तक ये सुविधा पहुंचाई. मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने आतंक के जड़ पर प्रहार किया. हमने पारदर्शी तरीके से काम किया. भारत दुनिया में महाशक्ति बनकर उभरा है. आने वाले दिनों में ये बात और आगे बढ़ेगी. हमने 5 साल में 50 से ज्यादा महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. देश की आशा अब अपेक्षा में बदल गई है. अब काफी कुछ अच्छा हुआ है.

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