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केरल में 50 साल बाद भीषम तबाही, अब तक 29 लोगों की मौत

वहीं 12 अगस्त को गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी असम का दौरा करेंगे।

नई दिल्ली। केरल में भारी बारिश और बाढ़ से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बारिश और बाढ़ से कन्नूर कोझिकोड वायनाड और मल्लपुरम सबसे ज्यादा प्रभावित हैं . एर्नाकुलम अलापुझा और पलक्कड़ जिले भी प्रभावित हैंइस बाढ़ के चलते केरल में अब तक 29 लोगों की मौत हो चुकी है।

54000 से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं। बाढ़ के चलते राज्य से 14 में से 11 जिले डूब चुके हैं। कहा जा रहा है कि पिछले 50 सालों में ऐसी तबाही नहीं आई। भीषण बाढ़ के कारण बांध, जलाशय और नदियां लबालब भरी हुई हैं। सड़कें ध्वस्त हो गई है।राज्य की लगभग सभी 40 नदियां उफान पर हैं.

बाढ़ से अत्यधिक प्रभावित राज्य के कुल 14 जिलों में सेना ने मोर्चा संभाल रखा है। एनडीआरएफ के साथ-साथ सेना, नौसेना और वायु सेना की टीमें लोगों की मदद कर रही है। बाढ़ में फंसे लोगों को सेना के जवान सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में जुटे हैं।

केरल में 8 अगस्त से हो रही भीषण बारिश के चलते हालात बिगड़ गए हैं। बारिश के चलते बाढ़ के हालात और बिगड़ गए हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कम से कम 24 बांधों को खोलना पड़ा है। प्रशासन को इडुक्की डैम के दरवाजे खोलने पड़ें है, जिसकी वजह से आस पास के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं।

केरल के इडुक्की जिले में हालात सब से ज्यादा बिगड़ हैं। पिछले 40 सालों में पहली बार चेरुथोनी बांध के पांचों शटर खोलने पड़े हैं। वहीं केरल के इताहिस में पहली बार राज्य के सभी 24 बांधों को खोलना पड़ा है। चेरुथोनी बांध से हर सेकेंड साढ़े तीन लाख लीटर से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है।

बाढ़ के चलते स्कूल, कॉलेज, दफ्तर सब बंद कर दिए गए हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बाढ़ को काफी विकट बताया है। वहीं 12 अगस्त को गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी असम का दौरा करेंगे।

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