वैज्ञानिक आइंस्टाइन को चुनौती देने वाले भोजपुर के गणितज्ञ का निधन

डॉक्टर वशिष्ठ नारायण ने पटना के एक अस्पताल में ली अंतिम सांस

आरा: आरा प्रखंड के एक गांव बसंतपुर के रहने वाले गणितज्ञ डॉक्टर वशिष्ठ नारायण अब इस दुनिया में नहीं रहे। डॉक्टर वशिष्ठ नारायण ने पटना के पीएमसीएच अस्पताल में अंतिम सांसे ली।

उनके निधन की खबर से आज पूरा बिहार मर्माहत है। पूरे बिहार में शोक की लहर दौड़ आयी है। डॉक्टर वशिष्ठ नारायण सिंह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। वे अपने परिजनों के संग पटना के कुल्हडिया कंपलेक्स में रहते थे।

बताया जा रहा है कि आज अहले सुबह उनके मुंह से खून निकलने लगा। इसके बाद तत्काल परिजन उन्हें पीएमसीएच लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वे पिछले करीब से एक पखवारे पूर्व बीमार थे। तब पीएमसीएच में नेताओं का तांता लगा था।

बिहार के मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री तक उन्हें देखने गए थे। वहीं प्रकाश झा ने फिल्म बनाने की घोषणा कर रखी थी। आरा प्रखंड के एक गांव बसंतपुर के रहने वाले वशिष्ठ नारायण सिंह बचपन से ही होनहार थे। छठी क्लास में नेतरहाट के एक स्कूल में कदम रखा, तो फिर पलट कर नहीं देखा।

एक गरीब के घर का लड़का हर क्लास में कामयाबी की नई इबारत लिख रहा था। पटना साइंस कॉलेज में पढ़ रहे थे कि तभी किस्मत चमकी और कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जॉन कैली की नजर उन पर पड़ी। उसके बाद वशिष्ठ नारायण 1965 में अमेरिका चले गए और वहीं से 1969 में उन्होंने पीएचडी की थी।

Tags
Back to top button