मध्यप्रदेश

एक गाय पर रोज सिर्फ 1 रुपए 86 पैसे खर्च कर रही शिवराज सरकार

मानसून सत्र में शिवराज सरकार विपक्ष के सवालों से जितनी परेशान नहीं है उससे ज्यादा सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें अपने खींच रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने गौशाला अनुदान का मुद्दा उठाकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं.

बाबूलाल गौर के मुताबिक प्रदेश में गौशाला अनुदान को लेकर कोई स्पष्ट नीति ही नहीं है.

अव्वल तो यही कि गौशाला अनुदान काफी कम है उससे कहीं ज्यादा ये कि गौशाला अनुदान हर जिले में अलग-अलग है. बाबूलाल गौर ने सरकार से गौशाला अनुदान बढ़ाए जाने और इसमें एकरूपता लाने की मांग सरकार से की है.

-2013-14 में सालाना 608 रुपए अऩुदान दिया गया, प्रतिदिन के हिसाब से महज 1 रुपए 66 पैसे
-2014-15 में सालाना 635 रुपए अऩुदान दिया गया, प्रतिदिन के हिसाब से महज 1 रुपए 73 पैसे
-2015-16 में सालाना 591 रुपए अनुदान दिया गया, प्रतिदिन के हिसाब से महज 1 रुपए 61 पैसे
-2016-17 में सालाना 577 रुपए अनुदान दिया गया, प्रतिदिन के हिसाब से महज 1 रुपए 58 पैसे
-2017-18 में सालाना 679 रुपए अनुदान दिया गया, प्रतिदिन के हिसाब से महज 1 रुपए 86 पैसे

बाबूलाल गौर को सालभर पहले ही 75 वर्ष से ज्यादा आयु के फार्मूले के आधार पर शिवराज मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया गया था. मंत्री पद से हटने के बाद से ही बाबूलाल गौर अपनी ही पार्टी की सरकार को विधानसभा के अंदर घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे है.

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