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भोपाल: सोशल मीडिया पर दोस्ती कर ठगी करने वाले दो नाइजीरियाई नागरिक गिरफ्तार

भोपाल में पुलिस ने मंगलवार को एक महिला समेत दो नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया। ये दोनों उस गिरोह का हिस्सा थे जो सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर लोगों से दोस्ती करते थे फिर उनको ठगी का शिकार बना लेते थे। पुलिस ने उनके पास से कई मोबाइल, लैपटॉप और सिम कार्ड आदि सामान बरामद किया है।

भोपाल: भोपाल में पुलिस ने मंगलवार को एक महिला समेत दो नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया। ये दोनों उस गिरोह का हिस्सा थे जो सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर लोगों से दोस्ती करते थे फिर उनको ठगी का शिकार बना लेते थे। पुलिस ने उनके पास से कई मोबाइल, लैपटॉप और सिम कार्ड आदि सामान बरामद किया है।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के नाम ऑगस्टिन उडेक्वे और लाल्हमुन्सियामी बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार दोनों आरोपियों को भोपाल पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में स्थित महावीर एंकलेव से गिरफ्तार किया। ये लोग खुद को ब्रिटिश नागरिक बता कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।

जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी अभी तक कई सोशल मीडिया यूजर को इसी तरह बेवकूफ बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दे चुके हैं। इनके पास से पुलिस ने एक लैपटॉप, पांच मोबाइल, एक हार्डडिस्क, दो सिम कार्ड, तीन मोबाइल के खाली बॉक्स और पासपोर्ट आदि सामान जब्त किया है।

इस तरह देते थे वारदात को अंजाम
जानकारी के अनुसार आरोपी विदेशी नागरिक बनकर फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों से मित्रता करते हैं। आरोपी उसे पूरे विश्वास में लेते हैं और उन्हें कोई कीमती उपहार भेजने का वादा करते हैं। इसके बाद आरोपी का दूसरा साथी उसे फोन करता है और खुद को कस्टम अधिकारी बताता है।

कस्टम अधिकारी बनकर बोल रहा व्यक्ति बताता है कि उसने एयरपोर्ट पर एक महंगा पार्सल पकड़ा है और फिर उसका डिलिवरी शुल्क, धन शोधन निरोधक प्रमाणपत्र (एंटी मनी लॉन्ड्रिंग सर्टिफिकेट), आतंक निरोधी प्रमाण पत्र (एंटी टेररिज्म सर्टिफिकेट) और पेनाल्टी शुल्क आदि के नाम पर रुपये एंठते हैं।

आरोपी जिसे झांसा दे रहे होते हैं उसे इस दौरान यह भी कहते हैं कि अगर शुल्क नहीं दिया तो विभिन्न आपराधिक गतिविधियों के आरोप में जेल जाना पड़ेगा। यहां सोशल मीडिया यूजर अगर समझदार होता है तो पुलिस को जानकारी देता है और पैसे नहीं भेजता है और अगर डर जाता है तो आरोपियों की चांदी हो जाती है।

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