छत्तीसगढ़

BHU हिंसा पर VC का बयान- घटना में बाहरी लोग शामिल, CM ने कमिश्नर से मांगी रिपोर्ट

वाराणसी: BHU में वीरवार को हुई कथित छेड़खानी के विरोध में धरना प्रदर्शन के बाद बीती रात पूरा परिसर छावनी में तब्दील हो गया। शनिवार की रात कुलपति आवास के पास पहुंचे छात्र और छात्राओं पर विश्वविद्यालय के सुरक्षार्किमयों ने लाठी चार्ज कर दिया जिसमें कुछ विद्यार्थी घायल हो गए। छात्राओं का कहना है कि पुलिस ने उन पर भी लाठी चार्ज किया। इसके बाद छात्रों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने सुरक्षार्किमयों पर पथराव शुरू कर दिए। सभी विद्यार्थी संस्थान में वीरवार को हुई कथित छेड़खानी के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे थे।

जानकारी के अनुसार यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के कमिश्नर से वाराणसी हिंदू विश्वविद्यालय के पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी है। वहीं दूसरी तरफ विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने इस पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे की वजह से यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस घटना में बाहरी लोग शामिल हैं।

वाराणसी हिंदू विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी राजेश सिंह ने बताया कि कुलपति ने हालात के मद्देनजर से विश्वविद्यालय को 2 अक्तूबर तक बंद रखने का ऐलान किया है। उन्होंने घटना की जांच के लिए एक समिति का गठन भी किया है। उन्होंने कहा कि कुछ बाहरी अराजक तत्व हैं जो छात्राओं को आगे कर संस्थान की गरिमा को धूमिल करना चाहते हैं। सिंह ने बताया कि पुलिस प्रशासन विश्वविद्यालय में मौजूद है। हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं।

शनिवार को परिसर में हिंसा और तनाव को देखते हुए 25 थानों की पुलिस बुलाई गई थी। हालात काबू में करने के लिए परिसर में घुसी पुलिस को छात्रावास के विद्याथिर्यों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, हवा में गोलियां चलाईं तथा जवाबी पथराव भी किया। बताया जाता है कि इसी बीच छात्रों ने पेट्रोल बम भी फेंके। हिंसा में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सदर, 2 दरोगा तथा 1 सिपाही सहित कई छात्र घायल हो गए थे।

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