बारदा नदी पर पुलिया निर्माण का हुआ भूमिपूजन, ग्रामीणों की महत्वपूर्ण मांग पूरी

सांसद, विधायक, कलेक्टर ने रखी पुल की आधारशिला

कोण्डागांव : अब चुरेगांव एवं ईरागांव के ग्रामीणों को लकड़ी के बने पुल से आवाजाही की जरुरत नहीं होगी। आवागमन की भारी असुविधा से गुजर रहे, स्थानीय ग्रामीणों ने दिनांक 29 मार्च को खुशियाँ भरी राहत की सांस ली जब लोकसभा सांसद विक्रम देव उसेण्डी, उपाध्यक्ष बस्तर विकास प्राधिकरण भोजराज नाग एवं जिला कलेक्टर नीलकंठ टीकाम द्वारा चुरेगांव (बारदा नदी) पर 98 लाख 79 हजार रुपये लागत के पुलिया निर्माण की आधारशिला रखी गई।

मौके पर खुशी जाहिर करते हुए भारी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने ढोल-नंगाड़े नृत्य एवं स्थानीय देवी-देवताओं की पूजा-अर्जना करते हुए प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर अध्यक्ष जिला पंचायत देवचंद मातलाम, सदस्य लददूराम उईके, पूर्व विधायक सेवकराम नेताम, अध्यक्ष नगर पंचायत आकाश मेहता, कार्यपालन अभियंता देवेन्द्र नेताम, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जी.एस.सोरी, अभियंता अरुण शर्मा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि क्षेत्र की जीवन रेखा मानी जाने वाली चुरेगांव बारदा नदी पर पुल न होना वर्षो से चुरेगांव एवं ईरागांव के अलावा सवालवाही, अर्रा, कावागांव, कोटगोड़ा, हलईनार, पराली, तमोरा, जुगानार, कलेपाल, बुढ़ाकुरसई, करमरी, कोंगेरा, मातलाना, तेलगा, मुल्ले, पुचाड़ी, कुदुरपाल, भण्डारपाल, पीपरा, गरदा जैसे ग्रामों के वासियों के लिए परेशानी का सबब था विवश ग्रामीणों ने लकड़ी का संर्कीण पुल बनाकर किसी तरह से आवाजाही का मार्ग तलाश किया था।

लेकिन फिर भी समस्या जस की तस थी। केवल पैदल चलने राहगीर साईकिल चालक और शालेय छात्र इस खतरनाक पुल को पार कर गन्तव्य तक पहुंचते थे। विकासखण्ड केशकाल के इस बेहद अंदरुनी गांव में पुलिया निर्माण की नींव रखा जाना ग्रामीणों के लिए कम बड़ी सौगात नहीं थी। यह पुल बरसात के पूर्व तक पूर्ण कर लिया जायेगा। इस क्रम में विगत दिवस जिला कलेक्टर नीलकंठ टीकाम की अगुवाई में अधिकारियों के दल ने पुल निर्माण का स्थल परीक्षण कर शीघ्र भूमिपूजन की बात कही गई थी।

भूमिपूजन के इस ऐतिहासिक क्षण में सांसद विक्रम उसेण्डी ने लोगो को बधाई देते हुए कहा कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में यह पुल अहम भूमिका निभाएगा। इस पुल को विकास का सेतु करार देते हुए उन्होंने कहा कि इससे जहां शासन द्वारा प्रदत्त समस्त सुविधाएं एवं योजनाऐं निर्बाध रुप से ग्रामीणों तक पहुंचेगी वहीं ग्रामीणजन स्कूली छात्र एवं कृषक भी नियमित रुप से आवाजाही कर सकेंगे। शासन की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा बस्तर जिले के अंदरुनी क्षेत्रों में सड़क पुल-पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है। इससे पूरे जिले की तस्वीर बदल गई है।

यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह द्वारा इस पिछड़े क्षेत्र के विकास पर सर्वाधिक ध्यान दिया गया है। इसी का परिणाम है कि आज बारदा नदी पर पुल निर्माण का कार्य किया जायेगा। अब समय का गया है कि जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण एकजुट होकर विकास को नया आयाम देवें और शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य पोषण के क्षेत्र में भी अग्रणी बने। इस दौरान विधायक अंतागढ़ भोजराज नाग ने भी अपनी बात रखी उन्होंने आशा व्यक्त किया की पुल के निर्माण से क्षेत्र में विकास की धुरी को गति मिलेगी एवं ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा।

विकास के मार्ग में मील का पत्थर बनेगा बारदा पुल – कलेक्टर

जिले कलेक्टर नीलकंठ टीकाम ने मौके पर बताया कि कोण्डागांव जिले में 125 कि.मी. बहने वाली बारदा नदी पर पुल बनाना अत्यंत जरुरी था। क्योंकि इस नदी पर एक मात्र पुल छेरीबेड़ा ग्राम में ही निर्मित है। ऐसे में वर्षा के दिनों में नदी के उस पार के सभी गांव कट जाते थे और वर्ष के छः से सात महिने आवागमन में भारी दिक्कत होती थी। इस लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित इस क्षेत्र में पुल निर्माण एक महती आवश्यकता थी।

इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा तत्काल प्रस्ताव भेजकर शासन को अवगत कराया गया था। इस प्रकार इस नदी पर बड़ेओड़ागांव, उरन्दाबेड़ा, बोकराबेड़ा में भी पुल निर्माण का कार्य स्वीकृत कर प्रारंभ कर दिया गया है। इस तरह प्रशासन ग्रामीणों की कठिनाईयों को दूर करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगा। भूमिपूजन कार्यक्रम के अंत में जहां नर्तक दलों को सांसद द्वारा प्रोत्साहन राशि दी गई वहीं आदिम जाति विकास विभाग द्वारा नक्सली पीड़ित सहायता योजना के अंतर्गत हितग्राही उजारो बाई को पांच लाख रुपये की चेक राशि प्रदाय किया गया।

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