‘भूपेश बघेल की शपथ ग्रहण कुंडली’

डॉ. अजय भाम्बी

हाल ही में सम्पन्न हुए तीन महत्वपूर्ण हिन्दीराज्यों के चुनाव बीजेपी के लिए चैंकाने वाले थे। लेकिन जो छत्तीसगढ़ में हुआ उससे न केवल बीजेपी बल्कि प्रदेश और देश के हर बुद्धिजीवी व्यक्ति ने सोचा कि ये कमाल तो वाक ईला जबाब है।

हर तरफ यह भी चर्चा है कि भूपेश बघेल पिछले पांच वर्ष से पूरी तन्मयता के साथ प्रदेश से बीजेपी की जड़ें उखाड़ने में लगे थे।उन्हें इस बार जैसी सफलता प्राप्त हुई ऐसी बहुत कम व्यक्तियों को राज्य या देश में प्राप्त हुई। इनकी इस क्षमता और योग्यता को देखते हुए आलाकमान ने इन्हीं के हाथों में प्रदेश की कमान देना ज्यादा उचित समझा।

भूपेश बघेल का शपथग्रहण 17 दिसम्बर 2018 को 18 बजकर 20 मिनट पर रायपुर में हुआ था। उस समय मिथुन लग्न का उदय हो रहा था और ग्रह स्थिति इस प्रकार थी: राहु-कर्क, शुक्र-तुला, बुध, बृहस्पति-वृश्चिक, सूर्य, शनि- धनु, केतु-मकर, मंगल-कुम्भ और चन्द्रमा मीन राशि में विराजमान थे।

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शपथग्रहण के समय मिथुन लग्न और कुम्भ नवमांश उदय हो रहा था।लग्नेश बुध छटे भाव में बृहस्पति के साथ युति बनाकर बैठा हुआहै।साधारणत या लग्नेश की छटे भाव में उपस्थिति को बहुत अच्छा नहीं माना जाता।

लेकिन हम नवमांश के कुम्भ स्थिर लग्न का विचार करें तो जो शंका एंबुध की स्थिति को देखकर पैदा होती हैं वे अधिकतर निर्मूल ही मालूम पड़ती हैं।

छटे भाव में बुध और गुरू की स्थिति दर्शाती है कि शुरू में कई मुद्दों पर सरकार के कुछ निर्णयों का विरोध हो सकता है लेकिन इससे पहले स्थिति गंभीर हो सरकार कुछ फेरबदल कर केअपना पक्ष मजबूत करने में सफलरहेगी।

सप्तम भाव में सूर्य और शनि की युति है लेकिन सप्तम् भाव का स्वामी बृहस्पति छटे भावमेंबुध के साथ स्थितहै। एक तो वैसे ही विरोधी पक्ष नितांत कमजोर है और दूसरा वो अपनी विसंगतियों के कारण सरकार का ठीक से विरोध भी नही कर पायेंगे।

शुक्र की स्थिति पंचम भाव में बहुत अच्छी है जिसके फलस्वरूप ये सरकार बहुत अच्छी योजनाएं लेकर आएगी। जिससे आमजनता प्रसन्न रहेगी और प्रदेश का विकास भी होगा। यह सरकार किसानों, व्यापारियों, युवाओं आदि के लिए कुछ कस्ट्रक्टिव प्लान बनाएगी जिससेसरकार की काफी वाह-वाही भी होगी।

छत्तीसगढ़ प्राकृतिक रूप से सम्पन्न राज्य है। यहां की न केवल धरती उपजाऊ हैबल्कि जंगल और खदानें भी प्रचुरमात्रा में धन धान्य जुटा सकती है। सरकार का इन योजनाओं पर भी पूरा ध्यान रहेगा।

मंगल की उपस्थिति नवम् भाव में है जिसके कारण नक्सल समस्या तो बनी रहेगी लेकिन उसमें पहले जैसा पैनापन नहीं रहेगा और संभवतः सरकार उनकी समस्याओं को हल करने में भी कोई कमीं नहीं छोड़ेगी।

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राहु द्वितीय भाव में और चन्द्रमा दशम भाव में काफी अच्छे हैं। आने वाले पांच वर्षों में राज्य की धन-धान्य की स्थितियों में काफी सुधार होगा और सरकार विदेश से भी धन आमंत्रण करने में सफल रहेगी।

बहुत सारे प्रोजेक्टस में विदेशों से पैसा आने की पूरी संभावना है। अगले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ का नाम देश के प्रमुख मॉडल राज्यों में गिना जायेगा। इंडस्ट्री, एजूकेशन, कल्चर, लकड़ीआदि के क्षेत्र मेंभी यह सरकार अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।

वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सही समय पराजय की बागडोर संभालने का मौका मिला है और वे यह काम भली भांति संपन्न करेंगे और आने वाले वर्षों में उनकी देश के अग्रणी नेताओं में गिनती होगी।

मुख्यमंत्री आवास में प्रवेश करने के लिए वैसे तो और भी मुहुर्त हो सकते हैं लेकिन हमारा मानना है कि यह कार्य 14 जनवरी के बाद करना चाहिए जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा और अगले 6 माह के लिए उत्तरायण हो जायेगा।उत्तरायण मेंकिया गया गृहप्रवेश सदैव कल्याणकारी होता है।

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