नक्सलियों का बहाना बनाकर आदिवासियों से किये अपने वादों से मुकर नहीं सकते भूपेश जी – विकास मरकाम

रायपुर। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा 17 जून के अपने सफ़ल कार्यक्रम से उत्साहित है।मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने मीडिया को प्रेस नोट जारी कर कहा है कि अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने प्रदेश के आदिवासियों से मिलकर उनकी भावनाओं के अनुरूप ज्ञापन तैयार किया था।ज्ञापन में लिखे बिंदूओं के आधार पर मोर्चा ने भूपेश बघेल सरकार को एक्सपोज कर दिया है कि ढाई सालों में भूपेश सरकार ने आदिवासियों के लिए कुछ नहीं किया है।

उन्होंने आगे कहा कि लघु वनोपजों के लिये भूपेश सरकार “नीति” बनाने में फ़ेल रही है और आदिवासियों हितों के लिए कुछ भी “नया” नहीं कर सकी है।कुछ नया करना तो दूर भूपेश सरकार तो फर्जी आदिवासियों को शासकीय नौकरियो से बाहर भी नहीं कर सकी जबकि सरकार के सामान्य प्रशासन और ट्राइबल विभाग के पास फ़र्जी आदिवासियों की पूरी लिस्ट है। विधानसभा में कई- कई सत्रों में लगे सवालों में जवाब देते हुए फ़र्जी आदिवासियों की लिस्ट सदन में आई है।फिर भी राजनीतिक इच्छा शक्ति की कमी के चलते सीएम भूपेश बघेल फ़र्जी आदिवासी के मुद्दे पर धृतराष्ट्र बने हुए हैं।

वास्तव में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आदिवासी मामलों में राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने पिछले साल एक कार्यक्रम में कहा था- “मुझे ट्रांसफर, प्रमोशन कुछ समझ मे नहीं आता है।” युवा आदिवासियों के सोशल मीडिया ग्रुप्स में सीएम का यह पुराना भाषण वॉयरल है।इस वॉयरल वीडियो बाईट के आधार पर मैं कहना चाहता हूँ सीएम भूपेश बघेल आदिवासियों हितों की बात सिर्फ़ और सिर्फ अपने राजनीतिक हितों के लिए करते रहे हैं।

सोशल मीडिया एप क्लब हाउस में देश के वरिष्ठ पत्रकारों से कल बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासियों को जमीन देना चाह रही है लेकिन नक्सली नहीं चाहते कि किसी आदिवासी को शासकीय पट्टा मिले। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुये मरकाम ने कहा कि भूपेश बघेल अपनी सरकार नक्सलियों के चाहने और ना चाहने से चला रहे है क्या? उन्होंने भूपेश बघेल को आगाह करते हुए कहा कि नक्सलियों का बहाना बनाकर प्रदेश सरकार आदिवासियों से किये अपने वादों से मुकर नहीं सकती है। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा आदिवासियों के हक की लड़ाई लड़ने के लिये सदैव तत्पर है।

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