पश्चिम बंगाल का भूतिया स्टेशन जहां तर्कवादियों ने बिताई रात

पश्चिम बंगाल में पुरूलिया जिले के एक रेलवे स्टेशन में भूत प्रेतों के वास की कहानियां प्रचलित हैं लेकिन इस मिथ को तोडऩे के लिए तर्कवादियों ने एक रात इस स्टेशन में बिताई है

पश्चिम बंगाल का भूतिया स्टेशन जहां तर्कवादियों ने बिताई रात

पश्चिम बंगाल में पुरूलिया जिले के एक रेलवे स्टेशन में भूत प्रेतों के वास की कहानियां प्रचलित हैं लेकिन इस मिथ को तोडऩे के लिए तर्कवादियों ने एक रात इस स्टेशन में बिताई है।

तर्कवादियों की टीम में शामिल एक सदस्य ने बताया कि तर्कवादियों को गुरुवार रात कुछ ऐसे स्थानीय लोग मिले जो उन्हें डराकर स्टेशन से जाने के लिए कह रहे थे। बेगुनकोडोर स्टेशन अयोध्या हिल्स के पास स्थित है जो पुरूलिया शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर है। 1967 में इसके स्टेशन मास्टर की रात में पटरियों पर सफेद साड़ी पहनी कथित महिला को देखने के बाद मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से इस स्टेशन पर ‘‘भूतिया स्टेशन’’ का ठप्पा लग गया।

घटना की वजह से यात्रियों ने स्टेशन का इस्तेमाल करना बंद कर दिया और यह रेलवे के रिकॉर्ड में ‘भूतिया’ के तौर पर दर्ज हो गया। इसके बाद इसे बंद कर दिया गया था। इसकी गिनती रेलवे के10 भूतिया स्टेशन में होने लगी जो उसके रिकॉर्ड में दर्ज हैं।

ममता बनर्जी के रेलमंत्री रहते वर्ष 2009 में 42 साल बाद इस स्टेशन को फिर से खोला गया। इसके बाद ट्रेनें यहां रुकने लगीं लेकिन यात्री भूत के डर की वजह से शाम पांच बजे तक ही स्टेशन का इस्तेमाल करते थे।

टीम की अगुवाई करने वाले नयान मुखर्जी ने बताया कि हम पुरूलिया जिले के बेंगुनकोडोर स्टेशन पर गुरुवार रात 11 बजे से अगले दिन तड़के तक रहे लेकिन हमें कोई ऐसी गतिविधि देखने को नहीं मिली। ल ने भूतिया स्टेशन का मिथ तोडऩे के लिए रात बिताई

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