यूपी के आगरा में बवाल शुरू, हाई एलर्ट: तोड़फोड़ और पथराव,डीएम ऑफिस में घुसी भीड़

उत्तर प्रदेश के शहर आगरा में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में संशोधन को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में सैकड़ों लोगों द्वारा जमकर हंगामा और बबाल ......

शैलेंद्र गुप्ता शैली

उत्तर प्रदेश: आगरा में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में संशोधन को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में सैकड़ों लोगों द्वारा जमकर हंगामा और बबाल शुरू हो गया है।यहां पर थाना शाहगंज क्षेत्र के सराय ख्वाजा क्षेत्र में कई गाड़ियों को तोड़ दिया गया। घरों में पथराव किया गया।खास बात यह रही कि कानून व्यवस्था को लेकर अक्सर कड़े तेवर दिखा रहे योगी शासन की पुलिस इस उपद्रव के आगे बेबस थी।खबर है कि बबाल की गंभीरता के कारण आगरा में हाई अलर्ट लागू करते हुए हालात सामान्य न हो जाने तक स्कूलों की छुट्टी करने पर रोक लगा दी है।

भारत बंद के दौरान आगरा में हालात गंभीर हिंसक प्रदर्शन से जबरजस्ती दुकानों को बंद कराया जा रहा है आगरा में जिलाधिकारी कार्यालय में भीड़ घुस गई, जिसको नियन्त्रित करना प्रशासन को भारी पड़ रहा है ।सेबला मैं रोड जाम करदिया गया है। हिसंक झड़प होने की सूचनाएं मिल रही है ।

आगरा में इंड्रस्टियल ऐरिया में भी दलित समाज के लोगों ने जमकर उत्पात मचाया। टेड़ी बगिया पर सुबह लोग लाठी डंडों से लैस होकर पहुंच गए। खेरिया मोड़ बाजार को दलित समाज के लोगों ने जबरन बंद करा दिया।बिजलीघर बाजार का भी कुछ ऐसा ही हंगामा था। यहां पर प्रदर्शनकारी उग्र होते दिखाई दिए। रावली रेलवे लाइन पर ट्रेन को रोक कर प्रदर्शन किया गया। टेड़ी बगिया पर आगरा अलीगढ़हाईवे को जाम कर दिया गया।दलित समाज के लोग जलेसर मार्ग पर भी जमा हो गए। इस मार्ग से भी वाहनों को नहीं गुजरने दिया गया। जहां भी सूचना मिली, पुलिस पहुंची, लेकिन भीड़ के आगे पुलिस भी बेबस दिखाई दी।

इधर बाल्मीकि समाज ने 14 अप्रैल तक सुप्रीम कोर्ट को मौका देते हुए 15 अप्रैल से पूरे भारत में झाड़ू सफाई बंद करने की चेतावनी दी है।
इधर फ़िरोज़ाबाद में भी सुबह नीले झंडा लिए युवकों ने सदर बाजार में जुलूस निकाल कर शान्ति पूर्ण ढंग से बाजार बंद रखने की अपील की,परंतु खबर लिखे जाने तक अपील बेअसर थी।

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