बिग ब्रेकिंग – छत्तीसगढ़ में कोरोना संदिग्ध की मौत,मुंगेली कोरेंटाइन सेंटर में था युवक

हैदराबाद से 15 दिन पहले लौटा था युवक

रायपुर: छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे है वही दूसरी ओर एक बड़ी खबर सामने आ रही है मुंगेली कोरेंटाइन सेंटर में कोरोना संदिग्ध की एक युवक की मौत हो गई है..

जानकारी के मुताबिक  मुंगेली जिले के कोरेंटिन सेंटर में रह रहे युवक की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई । मुंगेली जिले के छीतापुर का 22 वर्षीय श्रमिक पुनीत राम टंडन हैदराबाद से 15 दिन पहले लौटा था, जिसे छीतापुर के कोरेन्टीन सेंटर में रखा गया था। बताया जा रहा है कि इस दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद कोरेंटिन सेंटर का सचिव उसे अपने साथ पंढर भट्टा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गया था जहां चिकित्सक ने उसे दवा दी थी लेकिन इसके बाद भी शुक्रवार रात को उसकी तबीयत बहुत अधिक बिगड़ गई।

जानकारी के मुताबिक जिसके बाद कई मर्तबा एंबुलेंस को फोन किया गया लेकिन मौके पर एंबुलेंस नहीं पहुंची जिससे घबराकर उसके ही कुछ साथी उसे ऑटो में लेकर आज मुंगेली जिला अस्पताल की ओर रवाना हो गए मगर रास्ते में ही पुनीत राम टंडन ने दम तोड़ दिया। हैरानी इस बात की है कि इस बीच बार-बार उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद भी उसका सैंपल टेस्ट के लिए नहीं लिया गया था।

पत्नी की स्थिति भी नाजुक

अगर कहीं पुनीत राम कोरोना संक्रमित था तो फिर यह जहां प्रदेश में कोरोना से पहली मौत हो सकती है वहीं कोरेंटिन सेंटर में रह रहे लोगों के लिए भी खतरे की घंटी है। मामले का दुखद पहलू यह भी है की पुनीत राम टंडन के साथ ही उसकी गर्भवती पत्नी भी कोरेंटिन सेंटर में रह रही थी। जिसे प्रसव पीड़ा उठने पर प्रसव के लिए बिलासपुर भेजा गया था लेकिन प्रसव के दौरान उसके बच्चे की भी मौत हो गई थी। वही पुनीत की पत्नी की स्थिति भी बेहद नाजुक बताई जा रही है।

इस घटना से मुंगेली जिला प्रशासन के हाथ पांव फूले हुए हैं और अब पोस्टमार्टम के साथ पुनीत राम टंडन का कोरोना सैंपल भी जांचा जा रहा है।इस घटना ने कोरेंटिन सेंटर की असलियत उजागर कर दी है प्रदेश में बाहर से आए श्रमिकों को लेकर किस तरह की लापरवाही बरती जा रही है यह उसका जीवंत उदाहरण है।

जिंदगी की तलाश में यह परिवार सैकड़ों किलोमीटर का फासला तय कर अपने घर लौट तो आया था लेकर बेहद करीब पहुंच कर जिंदगी की जंग हार गया। बच्चे और उसके पिता की मौत हो चुकी है। माँ भी जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रही है। यानी इस सफर का हांसिल सिफर ही रहा ।एक तरफ जहां टंडन परिवार पूरी तरह बिखर गया तो वही पुनीत राम की मौत से पूरे गांव में दहशत का वातावरण है। इस घटना ने एक बार फिर से मुंगेली जिला अस्पताल की लचर व्यवस्था उजागर कर दी है। यहां एंबुलेंस सेवा हमेशा से ऐसी ही लचर रही है जिस कारण से यह घटना घटी।

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