छत्तीसगढ़

कांग्रेस के लिए बिल्हा विधानसभा में बड़ी चुनौती

अंकित राजपूत

बिलासपुर।

कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बिल्हा विधानसभा में एक सर्वमान्य दावेदार की तलाश की है। क्योंकि यह एक ऐसा विधानसभा क्षेत्र है जो मुख्य रूप से तीन भागों में बंटा है और वहां रहने वालों का आपस में कोई सरोकार नहीं रहता है। ऐसे में पार्टी इस बार भी जातिवाद पर दांव खेलने की तैयारी में है।

बिल्हा विधानसभा को क्षेत्रों में बांटकर देखें तो एक पथरिया, दूसरा सिरगिट्टी और तिफरा तथा तीसरा बिल्हा क्षेत्र है। इनमें खास बात यह है कि इनमें आपस में कोई मेल नहीं है। मतलब यह है कि पथरिया क्षेत्र के लोगों का ज्यादा सरोकार मुंगेली शहर से है। भौगोलिक रूप से वहां के लोग मुंगेली शहर से ज्यादा जुड़े हैं।

खरीदारी से लेकर अन्य सभी जरूरतों के लिए वे वहीं जाते हैं। पथरिया क्षेत्र से राजनीति करने वाले भी कभी अपनी पैठ बिल्हा, तिफरा या सिरगिट्टी में नहीं बना पाए हैं। ऐसे में उस क्षेत्र से किसी को पार्टी टिकट दे तो शेष बड़े शहर प्रत्याशी की पहुंच से छूट जाएंगे। इसी तरह तिफरा, सिरगिट्टी या बिल्हा क्षेत्र के नेताओं का हाल है। इन जगहों में भी राजनीति करने वाले अपने-अपने क्षेत्रों तक सीमित हैं। ऐसे में इनमें से किसी भी जगह के पार्टी कार्यकर्ताओं को टिकट देने से संपूर्ण विधानसभा में उनकी पैठ नहीं जम पाएगी। ऐसे में पार्टी के सामने सबसे बड़ा संकट यहां कोई एक सर्वमान्य नेता खोजने की है। वर्तमान में जिन दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं.

उनमें प्रमुख रूप से राजेंद्र शुक्ला तिफरा नगर पंचायत के अध्यक्ष रह चुके हैं। उनका कार्यक्षेत्र अपना नगर पंचायत और आसपास के क्षेत्र हैं। बिल्हा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले गांव पथरिया क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ बनाने में उन्हें मेहनत करनी पड़ेगी। यही हाल पथरिया क्षेत्र से आने वाली जागेश्वरी वर्मा का है। इनके अपने क्षेत्र में तो पकड़ है लेकिन बिल्हा, सिरगिट्टी, तिफरा आदि क्षेत्र उनके लिए परेशानी खड़ा कर सकते हैं। मालूम हो कि इन क्षेत्रों में भी अच्छा खासा वोट है।

अगर एक क्षेत्र में भी कमजोर पड़ना उम्मीदवार को महंगा पड़ सकता है। ऐसे में चर्चा है कि पार्टी यहां जातिवाद का कार्ड खेल सकती है। बिल्हा विधानसभा साहू और कूर्मी बाहुल्य क्षेत्र है। इन्हीं वर्ग में से किसी को टिकट देने पर विचार चल रहा है। जिस पर जल्द मुहर लग जाएगी। इधर भाजपा प्रत्याशी धरमलाल कौशिक का शुरू से ही बिल्हा विधानसभा कार्यक्षेत्र रहा है। इतने सालों में उन्होंने हर क्षेत्र की उन्हें पूरी जानकारी है।

हालांकि पिछली बार की तरह इस बार भी बिल्हा और पथरिया क्षेत्र ही उन्हें मुख्य रूप से चुनौती पेश करेगी। अब कांग्रेस से टिकट घोषित होने के बाद ही इस विधानसभा की स्थिति साफ हो पाएगी।

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कांग्रेस के लिए बिल्हा विधानसभा में बड़ी चुनौती
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