शिवसेना का बड़ा ऐलान, 2019 में भाजपा के साथ नहीं लड़ेगी चुनाव

भाजपा और शिवसेना के बीच 1989 में गठबंधन हुआ था और तभी से शिव सेना-भाजपा मिलकर चुनाव लड़ती आ रही हैं

शिवसेना का बड़ा ऐलान, 2019 में भाजपा के साथ नहीं लड़ेगी चुनाव

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सबसे पुरानी सहयोगी शिवसेना ने मंगलवार को बड़ा राजनीतिक फैसला किया। शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस बात का फैसला लिया गया कि पार्टी 2019 में भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेगी बल्कि अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। बता दें कि शिवसेना भाजपा की सबसे पुरानी सहयोगी है और केंद्र की राजग सरकार और महाराष्ट्र में भाजपा सरकार की सहयोगी है।

शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया गया है। शिव सेना ने यह फैसला ऐसे समय किया है जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में हिस्सा लेने के लिए दावोस में हैं।

गौरतलब है कि भाजपा और शिवसेना के बीच 1989 में गठबंधन हुआ था और तभी से शिव सेना-भाजपा मिलकर चुनाव लड़ती आ रही हैं। केंद्र में 2014 में भाजपा की सरकार बनने के बाद शिवसेना अक्सर प्रधानमंत्री मोदी को अपने निशाने पर लेती रही है और महाराष्ट्र में सरकार में होते हुए भी वह राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करती रही है। शिवसेना पहले भी गठबंधन से अलग होने की चेतावनी दे चुकी है लेकिन आज के उसके फैसले का असर राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की राजनीति पर पड़ेगा।

शिव सेना ने इस फैसले से अपने कार्यकर्ताओं को साफ-साफ संकेत दे दिया है कि अगला चुनाव वह अपने दम पर लड़ने जा रही है और कार्यकर्ता इसके अनुरूप अपनी तैयारी में जुट जाएं। शिवसेना के इस फैसले के पीछे राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र में भाजपा का जनाधार दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है जबकि इस गठबंधन से उसे ज्यादा फायदा होने के बजाय उसे अपने वोट बैंक का नुकसान उठाना पड़ा रहा है।

1
Back to top button