बड़ी खबर : पास्को एक्ट के प्रकरण में आरोपी को 10 साल की सजा

ऋषिकेश मुखर्जी:

रायगढ़: माननीय फास्ट ट्रेक कोर्ट रायगढ़ द्वारा नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी सिद्ध पाते हुए पास्को एक्ट की धारा में आरोपी को 10 वर्ष की सश्रम कारावास एवं 2,000 रूपये के अर्थदंड देने का आदेश पारित किया है ।

जानकारी के अनुसार थाना कोतरारोड अंतर्गत निवासरत 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका को आरोपी सेतलाल सिदार पिता रंजीत सिदार उम्र 24 वर्ष निवासी धौराभाठा थाना डबरा जिला जांजगीर द्वारा बहला-फुसलाकर उसके माता पिता के विधिक संरक्षकता से उनकी अनुमति बिना अन्यत्र ले गया था।

बालिका के परिजनों द्वारा बालिका के गुम हो जाने की रिपोर्ट थाना कोतरारोड में दर्ज कराये जाने पर अप.क्र. 122/17 धारा 363 ता.हि. पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना के दरमियान कोतरारोड़ पुलिस द्वारा बालिका को आरोपी के अधिपत्य से बरामद कर बालिका से पूछताछ बाद बालिका का मुलाहिजा एवं अन्य औपचारिक कार्यवाही कर प्रकरण में धारा 366, 376 IPC 4,6 पास्को एक्ट विस्तारित कर आरोपी को गिरफ्तार कर चालान माननीय न्यायालय प्रस्तुत किया गया।

जैसा कि नाबालिगों के विरुद्ध घटित अपराधों में पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाया जाना है । इसी क्रम में माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन साक्षियों के प्रति परीक्षण एवं अभियोजन एवं आरोपी पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य का विशलेषण किया गया।

माननीय न्यायालय द्वारा आज अपने पारित आदेश के अनुसार धारा 363 IPC में 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा एवं ₹1000 का अर्थदंड, धारा 376(2)(ढ) IPC एवं 6 पास्को एक्ट में दोषी ठहराया गया । आरोपी सेतलाल सिदार को धारा 6 पास्को एक्ट के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2000 का अर्थदंड से दंडित किया गया है ।

मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक डॉ. भुवनेश्वरी पैंकरा तथा निरीक्षक सलीम तिग्गा द्वारा की गई है ।

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