मध्यप्रदेश

बड़ी खबर : यहाँ 8 जून से नहीं खुलेगा कोई भी धार्मिक स्थल

कोरोना के केस बढ़ने के कारण कलेक्टर ने निर्णय लिया

भोपाल : देश और प्रदेश में 8 जून से  मठ, मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारे और शिवालय सब खुलने जा रहे हैं,  बड़ी जानकारी के मुताबिक  भोपाल में कोई भी धार्मिक स्थल नहीं खोला जाएगा। यह निर्णय रविवार दोपहर पुलिस कंट्रोल रूम में सभी धर्मों के प्रमुखों से बातचीत के बाद कलेक्टर ने लिया है।

भोपाल के कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने बताया कि पुराने शहर में जनसंख्या काफी अधिक है। भोपाल में पहले से ही अधिक केस हैं। ऐसे में धार्मिक स्थल खुलने से कोरोना के बढ़ने का खतरा बढ़ जाएगा। इसी को देखते हुए सोमवार से किसी भी धार्मिक स्थल को खोले जाने की अनुमति नहीं होगी।

कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने बताया

कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने बताया कि भोपाल में कोरोना की स्थिति को देखते हुए पांच दिन बाद सभी धर्मों के प्रमुखों के साथ एक बार फिर बैठक की जाएगी। उसके बाद ही इन्हें खोले जाने का निर्णय हो पाएगा। फिलहाल, यह तय है कि अगले कुछ दिन और यह आम लोगों के लिए बंद रहेंगे।

प्रदेश के साथ ही भोपाल में भी 8 जून से सभी धर्म प्रमुखों ने धार्मिक स्थलों को खोलने की तैयारी कर ली थी। यह तैयारी कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के एसओपी (स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के अनुसार की गई थी। इसके परिपालन में मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक, प्रदेश के कंटेनमेंट एरिया में आने वाले सभी धार्मिक प्रतिष्ठान और पूजा-स्थल बंद रहेंगे, केवल इसके बाहर के धार्मिक स्थलों पर प्रवेश की अनुमति होगी।

यह है गाइडलाइन

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए जनसाधारण को आवश्यक सावधानियां बरतनी होंगी। 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर पर ही रहने की सलाह दी गई है। मठ-मंदिर और मस्जिदों में काम करने वाले पुजारी-कर्मचारियों और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने को कहा गया है। सार्वजनिक स्थानों पर आपस में 6 फीट की दूरी रखनी होगी। चेहरे को मॉस्क या फेस कवर से ढंकना अनिवार्य किया गया है। देखने में गंदे न होने पर भी साबुन और पानी से बार-बार 40 से 60 सेकेंड में हाथ धोए जाएं। एल्कोहलयुक्त सेनिटाइजर से (कम से कम 20 सेकेंड तक) हाथों को सैनिटाइज करने की सुविधा उपलब्ध करानी होगी।

प्रवेश द्वार पर हैंड हाईजीन के लिए सैनिटाइजर, डिस्पेंसर और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था।

लक्षण रहित व्यक्तियों (सर्दी, खांसी, बुखार आदि न होने पर) को परिसर में प्रवेश से रोक।

मॉस्क या फेस कवर के बिना प्रवेश नहीं।

ऑडियो एवं वीडियो क्लिप द्वारा बचाव संबंधी सावधानियों का बार-बार प्रसारण सुनिश्चित करना होगा।

परिसर के बाहर एवं पार्किंग एरिया में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी

संचालकों को सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के लिए लाइन में गोले के निशान बनाए गए।

प्रसाद, चरणामृत, छिड़काव आदि की व्यवस्था को बंद रखने का निर्णय लिया गया।

मंदिरों से घंटियां हटाई गईं। फूल, नारियल, अगरबत्ती, चादर आदि चढ़ाने पर रोक।

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