बिहारः BJP-JDU में सीट हो गई ‘फिक्स’, नीतीश बोले- जल्द करेंगे ऐलान

पटना :

2019 के लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने से पहले बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल युनाइटेड (जेडीयू) के बीच सीटों के बंटवारे पर सहमति बन गई है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में खुद इसका ऐलान किया.

नीतीश कुमार ने कहा कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से उनकी बातचीत हो गई है. उन्होंने बताया कि 12 जुलाई को जब अमित शाह पटना आए थे तब इस मुद्दे पर बात हुई थी. इसके बाद भी इस मसले पर हमने बात की. उन्होंने कहा कि सीट संख्या को लेकर कुछ दिनों के बाद ऐलान कर लिया जाएगा.

वो बीजेपी और जनता दल यू के इस तालमेल से पूरी तरह से संतुष्ट हैं. नीतीश कुमार के इस बयान से अब साफ है कि बीजेपी और जेडीयू बिहार में लोकसभा का चुनाव मिल कर लड़ेगी. बता दें कि 12 जुलाई को जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पटना आए थे तब कहा गया था कि चार हफ्तों में यानि एक महीने के अंदर सीटों का बंटवारा हो जाएगा. खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक प्रेस कांफ्रेंस में ये बात कही थी लेकिन अब 2 महीने हो गए.

उपेंद्र कुशवाहा हैं देरी की वजह

कहा जा रहा है कि इस देरी की वजह उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी है. कुशवाहा एनडीए सरकार में मंत्री हैं लेकिन समय-समय पर उनके बयान नए समीकरण के संकेत देते रहते हैं. एनडीए में 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें तीन सीटें मिली थी लेकिन इस बार उन्हें दो सीट देने की चर्चा है. इस वजह से उपेंद्र कुशवाहा खुश नहीं हैं. माना जा रहा है कि अगर अधिक सीट मिले तो महागठबंधन का हिस्सा भी बन सकते हैं. कहा जा रहा है कि अगर उपेंद्र कुशवाहा एनडीए छोड़ते हैं तो बिहार में सीटों की संख्या बढ़ सकती हैं.

ऐसे हो सकता है सीटों का बंटवारा

सूत्रों के मुताबिक कुशवाहा अगर एनडीए से बाहर होते हैं तो जेडीयू को 14, बीजेपी को 20 और लोजपा को 6 सीटें मिल सकती हैं. हालांकि कुछ दिनों पहले एक खबर आई थी जिसमें बताया गया कि जेडीयू 12, बीजेपी 20, पासवान को 6 और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी 2 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. एक सीट जहानाबाद अरुण कुमार की पार्टी को दिया जाएगा जो पहले कुशवाहा के साथ थे. हालांकि इस फॉर्मूले को सभी पार्टियों ने पहले ही खारिज कर दिया था.

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