बिहार : कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज लगवाने पर ही सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी सैलरी

वैक्सीनेशन से संबंधित साक्ष्य विभाग के सामने प्रस्तुत भी करने होंगे।

बिहार में कोरोना की सुनामी आ गई है। 12 हजार से ज्यादा हर दिन मरीज मिल रहे हैं। इस दौरान टीकाकरण भी तेजी से चल रहा है। वहीं, बिहार के गया जिले में एक अफसर की चिट्ठी की चर्चा भी खूब हो रही है। वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने के लिए अफसर ने सैलरी का सहारा लिया है। गया और बेगूसराय कलेक्टर की तरफ से जारी चिट्ठी में कहा गया है कि अगर सैलरी चाहिए तो कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज लगवाने होंगे।

वैक्सीनेशन से संबंधित साक्ष्य विभाग के सामने प्रस्तुत भी करने होंगे। गया कलेक्टर अभिषेक सिंह की तरफ से यह चिट्ठी 20 अप्रैल को जारी की गई है। इसमें लिखा है कि पहले ही बता दिया गया था कि मार्च की सैलरी चाहिए तो वैक्सीन के दोनों डोज लेने के प्रमाण पत्र विभाग के समक्ष पेश करने होंगे। वैक्सीनेशन के प्रमाण पत्र देने के बाद ही सरकारी कर्मियों की सैलरी जारी की जाएगी। कलेक्टर की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि कुछ लोग वैक्सीन के पहले डोज लेने के बाद ही सैलरी की निकासी कर रहे हैं। ऐसी जानकारी हमें मिली है। यह पूरी तरह से गलत है और आदेश का उल्लंघन है। कलेक्टर ने अपनी चिट्ठी में साफ कर दिया है कि वैक्सीन के दूसरे डोज का प्रमाण पत्र जब कर्मचारी दें, तभी मार्च की सैलरी जारी की जाए।

गौरतलब है कि बिहार में बुधवार को पहली बार 12 हजार से ज्यादा कोविड मरीज मिले हैं। साथ ही डेथ रेट में भी 20 फीसदी इजाफा हुआ है। वहीं, पटना के तमाम बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड की दिक्कत जारी है। सरकारी स्तर पर किए जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।

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