बिहार की ‘मैथिली’ भाषा अब पहुंचेगी विदेशों तक

बिहार के पूर्व शिक्षा मंत्री राम लखन राम रमणभी स्वीकार करते हैं कि प्राचीनतम भाषाओं में से एक मानी जाने वाली भाषा मैथिली का उतना विकास नहीं हुआ, जितना होना चाहिए था

बिहार की मैथिली भाषा को अब विदेशों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। रामायण काल से बोली जा रही मिथिला की मैथिली भाषा अभी तक उपेक्षा का शिकार थी मगर जल्द ही इसे पहचान मिलेगी। मैथिली भाषा पर काम करते हुए प्रसिद्ध भाषाविद् सर जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन ने लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया में इसे बिहार की प्रमुख भाषाओं में से एक माना है।

विदेशी नागरिक ने उठाया बीड़ा
आपको बता दें कि मैथिली भाषा का उल्लेख रामायण काल से ही मिलता है। कालांतर में कवि कोकिल विद्यापति ने मैथिली भाषा को अपना माध्यम बनाकर देसिल बयना सब जन मिट्ठा का नारा दिया था। मैथिली भाषा को दुनिया में लाने के लिए प्रसिद्ध भाषाविद् सर जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन इसे दुनिया भर में प्रसारित करने की कोशिश में जुट गए हैं।

दुनिया की सबसे मीठी भाषा है मैथिली
सर जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन के अनुसार सीतामढ़ी, भागलपुर, मुंगेर, सहरसा, सुपौल, दरभंगा, मधुबनी, मधेपुरा, कटिहार, किशनगंज और पूर्णियां सहित आसपास के लोग मैथिली भाषा का प्रयोग करते हैं। उन्होंने इस भाषा को दुनिया की सबसे मधुरतम भाषा बताया है।

बिहार के पूर्व शिक्षा मंत्री राम लखन राम रमणभी स्वीकार करते हैं कि प्राचीनतम भाषाओं में से एक मानी जाने वाली भाषा मैथिली का उतना विकास नहीं हुआ, जितना होना चाहिए था

बिहार और ब्रिटिश संस्था ने हाथ मिलाया
इन दिनों सामाजिक संस्था मिथिलालज़क फाउंडेशन एवं शैक्षणिक संस्था ब्रिटिश लिंग्वा ने संयुक्त प्रयास से इस भाषा को जन-जन तक खासकर विदेशों तक पहुंचाने की बीड़ा उठाया है। इन दोनों संस्थाओं ने संयुक्त रूप से संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल मैथिली भाषा के लिए दिल्ली के लक्ष्मीनगर में फ्री मैथिली स्पीकिंग कोर्स की शुरुआत की है।

मिथिला फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. बीरबल झा ने बताया कि मैथिली स्पीकिंग कोर्स के पाठ्यक्रम में प्रारंभिक व उच्च स्तर के पाठयक्रम शामिल किए गए हैं।

प्रारंभिक पाठ्यक्रम में मैथिली भाषा का ज्ञान, उच्चारण तकनीक आदि की बारीकियों को शामिल किया गया है, जबकि उच्च पाठ्यक्रम में यूपीएससी, बीपीएससी आदि परीक्षाओं के लिए ऐच्छिक विषय के तौर पर मैथिली पढ़ने वालों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

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