बिलासा बाई केंवटीन के नाम से जाना जाएगा बिलासपुर एयरपोर्ट

सीएम बघेल का ऐलान

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान लगभग 650 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। स्थानीय लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में आयोजित समारोह में आमसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं की। इनमें सेंट्रल लायब्रेरी का नामकरण बिलासपुर के भूतपूर्व विधायक स्व.शिवदुलारे मिश्र के नाम पर करने, तारबाहर स्थित इंगलिश स्कूल का नामकरण शेख गफ्फार के नाम पर एवं बिलासपुर में बनने वाले एयरपोर्ट का नामकरण बिलासा बाई केंवटीन के नाम पर करने की घोषणा शामिल है।

समारोह में गृह मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि, पशुपालन एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया, संसदीय सचिव मती रश्मि आशीष सिंह ठाकुर, विधायक शैलेष पाण्डेय, नगर निगम बिलासपुर के महापौर रामशरण यादव, राज्य सहकारी बैंक बिलासपुर के अध्यक्ष बैजनाथ चन्द्राकर, जिला पंचायत बिलासपुर के अध्यक्ष अरूण चौहान उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपरान्ह बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में 650 करोड़ रूपए के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे पुरखों ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का जो सपना देखा था, उस सपने को छत्तीसगढ़ सरकार साकार कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य में छत्तीसगढ़िया सरकार बनी है, जिसकी वजह से किसानों, आदिवासियों, मजदूरों एवं समाज के गरीब तबके के लोगों के जीवन में बीते दो सालों में खुशहाली आयी है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि उनकी सरकार बनते ही सबसे पहले किसानों के ऋण की माफी और 25 सौ रूपए किं्वटल में धान खरीदी का निर्णय लिया गया । राज्य के किसान ऋण से उऋण हो गए। कर्जमाफी और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से छत्तीसगढ़ में व्यापार-व्यवसाय में तेजी आयी। सराफा मार्केट से लेकर आटोमोबाइल सेक्टर, कृषि यंत्रों सहित ट्रेक्टर आदि की बिक्री में बढ़ोत्तरी हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो सालों में राज्य में किसानों की संख्या में डेढ़ गुना की वृद्धि हुई है। यह हमारे सरकार की किसान हितैषी नीतियों एवं कार्यक्रमों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि किसानों को खेती किसानी के लिए राज्य सरकार द्वारा दी गई मदद से किसान समृद्धि की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य देने तथा फसल उत्पादकता को बढ़ाने के उद्देश्य से राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की गई है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने किसानों से किए गए वायदे को पूरा करने का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों के सुखद परिणाम देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले किसान धान बेचकर मोटर सायकल खरीदा करते थे। छत्तीसगढ़ राज्य में अब गोबर बेचकर पशुपालक किसान मोटरसायकल खरीदने लगे हैं। यह छत्तीसगढ़ सरकार की गोधन न्याय योजना से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत गोबर बेचने की वजह से होने वाले लाभ को देखते हुए लोग गौमाता की सेवा जतन करने लगे हैं।

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