बिलासपुर : दो घण्टे तक दौड़ती रही 180 केवी हाईवोल्टेज तार में करेंट

मनमोहन पात्रे :

बिलासपुर :

दर्राभांठा से दवनडीह पहुंच मार्ग के बीच एनटीपीसी अपने सयंत्र का वेस्टेज पानी के बहाव के लिए टावर के बगल से ही नाले निर्माण कार्य कराया जा रहा था। उसका पूरा मलबा टॉवर के समीप ही डंप किया जा रहा है।

जिससे टावर में बड़ी पत्थर की बोल्डर के आ जाने से टावर की पिलर कमजोर हो गया और टावर गिर गया। इसकी 180 केवी वोल्ट की हाईटेंशन तार सड़क पर झूलने लगी। टावर के गिरने से गांव में जोरदार धमाके की आवाज आई।

टॉवर संयंत्र ग्राम दर्राभांठा व दवनडीह से होकर गुजरी है। घटना मंगलवार रात 8 बजे की है। जैसे ही घटना हुई ।  कई घरों के बिजली, टीवी ,पंखे व बोर सहित अन्य घरेलू उपकरण उड़ गए। लोगो में अफरातफरी मच गई। गांव वाले घबरा गए।

ग्रामीणों के अनुसार यह घटना रात में हुई तो बड़ा हादसा टल गया , यदि दिन में घटी होती तो बहुत बड़ा हादसा हो सकता था। इस मार्ग से दिनभर ग्रामीणों का आना जाना लगा रहता है। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी एनटीपीसी के अफ़हीकरियों को दी तो वे मौके पर पहुंचे।

इस दौरान तार व टॉवर में करीब 2 घण्टे तक हाईटेंशन वोल्टेज का करेंट दौड़ता रहा। प्रबंधन ने वहां रात में सुरक्षा व देखरेख के लिए केवल 3 जवानों को नियुक्त किया। 3 जवानों के भरोसे 180 केवी हाईवोल्टेज की तार लटकी हुई थी। 

ग्रामीणों के अनुसार एनटीपीसी टॉवर के पास से ही वेस्टेज पानी बाहर निकालने के लिए नाला निर्माण करा रहा है। इसके लिए गढ्ढे खोदे है। इससे पिलर में पानी घुस गया। इसके किनारे पिचिंग के लिए बड़े बड़े बोल्डर डाले जा रहे है।

यह टॉवर पर ही गिर गया। जिसके कारण बेस कमजोर हो गई। ग्रामीणों को घरेलू उपकरणों के उड़ने से बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इसकी भरपाई अब कौन करेगा। क्या एनटीपीसी प्रबन्धन करेगी इन सबकी भरपाई। 

जब एनटीपीसी के पीआरओ साहू  से संपर्क कर मामले की पतासाजी करने की कोशिश की गई तो उनका कहना हैं कि यह टॉवर  एनटीपीसी का नही हैं अगर हमारे यह का होता तो तुरंत प्लांट बन्द करना पड़ता हमारे यहाँ बड़ा बड़ा टॉवर हैं यह किसी और कम्पनी का हो सकता हैं जो गांव गांव के लिए लगाया गया होगा 

दूसरी ओर सीएस विभाग के एक अधिकारी पी के बोखड़ यह कह रहे हैं कि टॉवर हमारे एनटीपीसी का हैं और उस गांव से हमारा लगाव हैं और अच्छे संबंध रखना है और कही कुछ घटनाआ तो नही घटी इस बात की जानकारी के लिए गया था और यह टॉवर एनटीपीसी का ही हैं पीआरओ को जानकारी नही होगा 

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