Bilaspur Education News: नियमितीकरण में इसलिए हो रही देरी, डीईओ कार्यालय ने अपूर्ण दस्तावेजों के साथ बना दी फाइल

ब्युरो चीफ : विपुल मिश्रा संवाददाता : राधिका पाखी

बिलासपुर। Bilaspur Education News: बिलासपुर सहित आधा दर्जन जिले के जिला शिक्षाधिकारियों की लापरवाही तब उजागर हुई जब सर्व शिक्षक संघ के अध्यक्ष विवेक दुबे की अगुवाई में प्रतिनिधि मंडल ने लोक शिक्षण संचालनालय के आला अफसरों से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि प्रदेश में अभी भी सैकड़ों शिक्षक ऐसे हैं जिनका नियमितिकरण नहीं हो पा रहा है। संचालनालय में जब फाइलों की खोजबीन शुरू हुई तब पता चला कि आधा दर्जन जिलों के जिला शिक्षाधिकारियों ने शिक्षकों व व्याख्याताओं के अपूर्ण दस्तावेज के साथ फाइल संचालनालय भेज दिया है।

बिलासपुर, रायपुर, सूरजपुर, रायगढ़, दुर्ग और मुंगेली के जिला शिक्षा अधिकारियों ने सही फाइल ही तैयार नहीं की है। नाराज संचालनालय ने इन जिलों के जिला शिक्षाधिकारियों को पत्र लिखकर फाइल दुरुस्त कर जल्द भेजने का निर्देश दिया है। सर्व शिक्षक संघ ने आरोप लगाया है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की लापरवाही है क्योंकि जो दस्तावेज उन्हें राज्य कार्यालय को प्रेषित करना है वह उनके द्वारा भेजा ही नहीं जा रहा है।

नियमितीकरण आदेश जारी करने की मांग को लेकर सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विवेक दुबे व पदाधिकारियों ने लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक कमलप्रीत सिंह और उपसंचालक आशुतोष चावरे से मुलाकात की थी। प्रतिनिधि मंडल ने अफसरों को बताया कि नियमितीकरण आदेश जारी होने में लगातार हो रहे विलंब के कारण मामला अटका हुआ है। शिक्षकों का गुस्सा अब फूटने लगा है।

प्रतिनिधि मंडल से चर्चा के बाद अब लोक शिक्षण संचालनालय ने रायपुर, सूरजपुर, बिलासपुर, रायगढ़ दुर्ग और मुंगेली के जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अपूर्ण भेजे गए व्याख्याताओं के दस्तावेजों को पूरा करे। उपलब्ध नहीं है तो संबंधित व्याख्याताओं से संपर्क कर पूरी फाइल तैयार करें और फिर लोक शिक्षण संचालनालय भेजें। जारी आदेश में एक सप्ताह के भीतर प्रक्रिया को पूरी करने का निर्देश दिया है।

लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र से यह साफ स्पष्ट होता है कि जिला कार्यालय द्वारा शिक्षकों की जानकारी भेजने में लापरवाही की गई है। विलंब के कारण शिक्षकों का नियमितिकरण नहीं हो पाया है। इसका खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है।

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