बिलासपुर: बांध से पानी छूटते ही स्वत: बिजली पैदा करेगा ये विज्ञान मॉडल

इसके अलावा छात्र-छात्रा के एक से बढ़कर एक प्रोजेक्ट्स को देखकर लोगों को हैरान हो रहे हैं।

इनोवेशन की सोच एक नया रास्ता निकालती है, जिसपर चलकर किसी ऐसे कार्य को अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है जो अनूठा और जन उपयोगी होता है।

बिलासपुर शहर के डीपी विप्र कॉलेज में पढ़ने वाले बीए के चार स्टूडेंट ने एक ऐसा विज्ञान मॉडल बनाया है जो बांध से पानी छूटते ही स्वत: बिजली पैदा करेगा|

इससे बांध के आस-पास की स्ट्रीट लाइट जल जाएंगी। इसके अलावा छात्र-छात्रा के एक से बढ़कर एक प्रोजेक्ट्स को देखकर लोगों को हैरान हो रहे हैं।

फिलहाल हाईड्रो इलेक्ट्रिसिटी प्रोजेक्ट चलित मॉडल सबसे ज्यादा सुर्खियां और तारीफ बटोर रहा है। इस मॉडल के जरिए छात्रों ने बताया कि ठंड, गर्मी बरसात किसी भी समय बांध से जब पानी छोड़ा जाता है तो उसे हाइड्रो डेम से होकर गुजारा जाएगा।

टरबाइन से पानी को फ्लो कर विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है। फिर इस बिजली का उपयोग किया जा सकता है।

ये प्रोजेक्ट डीपी विप्र पीजी कॉलेज के फर्स्ट ईयर स्टूडेंट्स रितिका यादव, रंजीता समुद्रे, जय कुमार पटेल और अभिषेक चंद्रा ने तैयार किया है।

प्रोजेक्ट की खास बात ये कि बांध के पानी से जो भी बिजली बनेगी उसका उपयोग बांध के आसपास के गांव, शहर और क्षेत्रों की स्ट्रीट लाइटें रोशन करने में हो सकेगा।

साइंस के जानकारी इसे अपनी तरह का अनूठा मॉडल बता रहे हैं। इस मॉडल पर आधारित सिस्टम के जमीनी रूप पर उपयोग होने पन बिजली संयंत्र को बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर विद्युत ऊर्जा की बचत होगी।

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