Bilaspur News: आइएएस अफसर आए अवमानना के घेरे में, हाई कोर्ट ने जारी किया नोटिस

ब्युरो चीफ : विपुल मिश्रा संवाददाता : राधिका पाखी

बिलासपुर. Bilaspur News: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के निर्देशों को राज्य सेवा संवर्ग के अलावा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी भी गंभीरता के साथ नहीं ले रहे हैं। यही कारण है कि याचिकाकर्ताओं को न्यायालयीन आदेशों की अवेहलना करने के आरोप में अपने वकीलों के जरिए अवमानना याचिका दायर करनी पड़ रही है। इसी कड़ी में अब एक आइएएस अफसर अवमानना के घेरे मंे आ गए हैं। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद संचालक तकनीकी शिक्षा व आइएएस अवनीश शरण ने याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं की। हाई कोर्ट ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए जवाब पेश करने के लिए नोटिस जारी किया है।

जितेंद्र कुमार जांगड़े ने वकील रविपाल माहेश्वरी के जरिए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में संचालक तकनीकी शिक्षा अवनीश शरण के खिलाफ न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दायर की है। पूर्व में दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने बताया था कि उसकी नियुक्ति तकनीकी सहायक प्रयोगशाला के पद पर दिनांक 13 सितंबर 2013 को शासकीय इंजीनियरिंग महाविालय, बिलासपुर में हुई थी। नियुक्तिकर्ता अधिकारी इंजीनियर कालेज के तत्कालीन प्राचार्य थे।

उनके अलावा तीन अन्य लोगों का प्रयोगशाला तकनीशियन के पद पर नियुक्ति की गई थी। परिवीक्षावधि समाप्त होने के पश्चात उनके साथ-साथ दो अन्य प्रयोगशाला तकनीशियन के पद पर पदस्थ कर्मचारी स्वयं के व्यय पर स्थानांतरण के लिए आवेदन पेश किया था। संचालक ने दो अन्य कर्मचारियों का तबादला आदेश जारी कर दिया। उनके आवेदन को खारिज कर दिया। तब उसने विभागीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री जन चौपाल कार्यक्रम में सीएम को आवेदन देकर तबादले की गुहार लगाई थी।

मुख्यमंत्री जन चौपाल कार्यक्रम से मिले आवेदन पर कार्रवाई करते हुए संचालक ने उनके आवेदन को संस्थागत कर्मचारी होने और नियुक्तिकर्ता अधिकारी प्राचार्य होने का हवाला देते हुए खारिज कर दिया। याचिका के अनुसार जिन दो प्रयोगशाला तकनीकी सहायकों का तबादला स्वयं के व्यय के आधार पर किया गया है उनके नियुक्तिकर्ता अधिकारी प्राचार्य ही हैं। उनके प्रकरण में संचालक द्वारा दुर्भावनापूर्वक कार्रवाई की जा रही है।

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में इस बात की भी जानकारी दी कि उनकी पत्नी शासकीय कर्मचारी है। तबादला नीति का लाभ उनको मिलना चाहिए। इस बात की जानकारी संचालक को देने के बाद भी आवेदन को बार-बार खारिज किया जा रहा है। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने संचालक तकनीकी शिक्षा को नोटिस जारी कर याचिकाकर्ता के आवेदन पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसके लिए 90 दिनों की मोहलत दी थी।

तय समयावधि में कोर्ट के निर्देश पर नहीं हुआ अमल

90 दिनों के भीतर जब संचालक तकनीकी शिक्षा कार्यालय से किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई तब याचिकाकर्ता ने अपने वकील के जरिए न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दायर की है।

15 हजार नौ मामले हैं लंबित

राज्य सरकार की तरफ से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में 15 हजार 9 प्रकरण लंबित है। जिसमें राज्य श्ाासन के विभिन्न् विभागों को हाई कोर्ट के नोटिस के बाद जवाब पेश करना है। इसके अलावा एक हजार 869 अवमानना याचिका लंबित है।

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