आॅटोमेटिक होगा बिलासपुर का ट्रैफिक, 10 प्रकार के लगाए जाएंगे कैमरे

अंकित राजपूत

बिलासपुर।

फिक की व्यवस्था सीसीटीवी कैमरे पर आधारित होगी। इसके लिए 10 प्रकार के कैमरे लगाए जाएंगे। कुछ बहुउद्देश्यीय होंगेे। स्वचलित कैमरे किसी चौराहे पर होने वाली भीड़ को एडोप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम से नियंत्रित करेगा। वह उस रोड तक पहुंचने वाले पहले दूसरे, तीसरे चौराहों की ट्रैफिक लाइट का टाइम वाहनों की संख्या के हिसाब से बढ़ा, घटा सकेगा, ताकि वाहनों की भीड़ एक जगह एकत्रित होने न पाए, वह तेजी से आगे बढ़ सके। संवेदनशील कैमरे एम्बुलेंस को देखते हुए उसे गंतव्य तक शीघ्रता से भेजने के लिए ग्रीन कॉरीडोर बनाने, दुर्घटना पर ट्रैफिक रोकने तथा हैल्थ और पुलिस की टीम भेजने में मदद करेंगे।

इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम(आईटीएमएस)विश्व की आधुनिकतम ट्रैफिक व्यवस्था। इसका कांसेप्ट इटली, फांस से लिया गया है। ट्रैफिक कंट्रोल की यह बेहद सुविधाजनक प्रणाली है, जो विश्व में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। अहमदाबाद एवं दिल्ली में इसका इस्तेमाल शुरू हो चुका है। स्मार्ट सिटी नया रायपुर में यह शुरुआती दौर पर है। वहां की कुछ सड़कों पर नंबर प्लेट की शिनाख्त करने वाले कैमरे शुरू कराए जा चुके हैं।

–आईटीएमएस: नया रायपुर में नंबर प्लेट की शिनाख्त कैमरे से होने लगी

-ये सहूलियतें भी मिलेंगी

इमर्जेंसी कॉल बाक्स : कुछ खास और संवेदनशील जगहों पर यह बाक्स लगाया जाएगा। यह दो तरह से कार्य करेगा। कोई भी पुलिस, मेडिकल या अन्य तरह की तात्कालिक सेवा प्राप्त करने के लिए अपनी गुहार सेंट्रल कंट्रोल कमांड तक पहुंचा सकेगा। लाल बटन का दुरुपयोग रोकने के लिए इसमें सूक्ष्म कैमरा रहेगा, जो शिकायतकर्ता की तस्वीरें लेगा।

पब्लिक एड्रेस सिस्टम: चौराहों पर विशिष्ट अवसरों पर संदेश देने के लिए लाउड स्पीकर लगाया जाएगा।

पीटीजेड कैमरा: 100 मीटर की दूरी तक रोड की हर गतिविधियों को 360 डिग्री एंगल से वीडियो रिकार्डिंग करेगा। नाइट विजन कैमरा रहेगा, जो पर्यावरण की प्रतिकूलताओं के बावजूद कार्य करेगा।

व्यापार विहार में स्थापित होगा सेंट्रल कमांड कंट्रोल सिस्टम

ट्रैफिक व्यवस्था का संचालन सेंट्रल कमांड कंट्रोल सिस्टम से होगा। इसके लिए व्यापार विहार स्थित त्रिवेणी भवन के सामने की रिक्त जगह का चयन किया गया है। भवन के निर्माण व मशीनरी पर करीब 8 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वाहनों की शिनाख्त करने वाले विभिन्न कैमरे अलग अलग कार्य करेंगे, जैसे कोई दुर्घटना या चोरी होने पर नंबर प्लेट के आधार पर उसकी मूवमेंट, दिशा, रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर वाहन चालक, मालिक के नाम पते उक्त कार्यालय से निकाले जा सकेंगे।

अत्याधुनिक इक्विपमेंट से सुसज्जित यह कार्यालय शहर की सड़कों पर होने वाली हर गतिविधियों, वाहनों का डॉटा बेस तैयार करेगा। पूरी व्यवस्था ठीक तरह से कार्य करती रहे, इसके लिए विशेषज्ञ सीसी कैमरे और पूरे सिस्टम की सतत रूप से निगरानी करते रहेंगे।

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