बिलासपुर: अंधेरे की आड़ में क्राइम ब्रांच वाले बनकर करते थे गाड़ी वालों से वसूली, 7 आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे

रायपुर. बिलासपुर तथा आसपास के जिलों में रात में अंधेरे का फायदा ट्रांसपोर्टिंग करने वाले गाड़ियों को रोक रोक कर डरा धमका कर अवैध वसूली करने वाले फर्जी क्राइम ब्रांच गैंग को बिलासपुर के सरकंडा पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है.. आरोपियों के पास से बकायदा नेशनल क्राइम ब्रांच दिल्ली का फर्जी आईडी कार्ड भी जब तक किया गया है नाबालिग समेत सात आरोपी अंधेरे रास्तों में गाड़ी वालों को रोक कर जबरन वसूली का काम करते थे.

19 सितंबर को प्रार्थी जैकी कुमार द्वारा थाना सरकंडा में रिपोर्ट दर्ज कराया कि.. वह ट्रांसपोर्टिंग का काम करता है.. दिनांक 18 सितंबर को अपने हाईवा वाहन में गिट्टी लोड कर चिल्हाटी की ओर जा रहा था, मौपका चिल्हाटी मोड़ के पास कुछ लड़के जबरन गाड़ी को रुकवा कर अपने आप को क्राइम ब्रांच का स्टाफ बताकर डरा-धमका कर मोबाइल फोन में ‘नेशनल क्राइम ब्रांच’ का ‘आईडी-कार्ड’ दिखाकर धक्का-मुक्की कर अश्लील गाली गलौज करते हुए 5 हजार रुपए की मांग कर रहे थे.

प्रार्थी की रिपोर्ट पर सरकंडा पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर टीम बनाकर आरोपियों की पता तलाश में लगाया गया.. पता तलाश के दौरान प्रकरण के आरोपी राम प्रसाद ध्रुव निवासी मोपका, दीपक ध्रुव निवासी खमतराई, पुरुषोत्तम सिंह निवासी देवनंदन नगर सरकंडा बिलासपुर, अमित सिंह निवासी देवनंदन नगर सरकंडा तथा एक विधि के साथ संघर्षरत बालक को घेराबंदी कर पकड़ा गया.. पूछताछ करने पर उनके द्वारा बताया गया कि.. भीम कुमार पटेल निवासी लगरा बिलासपुर एवं जनक दीवान निवासी दीपका कोरबा द्वारा मोबाइल में लिंक क्रिएट कर ऐप के माध्यम से नेशनल क्राइम ब्रांच की आईडी तैयार की गई है..

जिसके आधार पर अपने आप को “क्राइम ब्रांच” का सदस्य बताते हुए घटना करना स्वीकार किए.. आरोपियों के बताए अनुसार भीम कुमार पटेल निवासी लगरा एवं जनक दास दीवान को दीपका कोरबा से घेराबंदी कर पकड़ कर पूछताछ किया गया जो अपराध करना स्वीकार किए है.. आरोपियों के मोबाइल में नेशनल क्राइम ब्रांच का आईडी कार्ड होना पाया गया है..

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