ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जे देने का बिल लोकसभा में पारित

नई दिल्ली : अन्य पिछड़े वर्ग को संवैधानिक दर्जा देने वाला 123वां संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में बहुमत से पारित हो गया। चर्चा का जवाब देते हुए सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने बताया कि इससे पिछड़े वर्ग का सशक्तिकरण होगा और आयोग की शक्तियां भी बढ़ेंगी।

विधेयक में प्रावधान है कि आयोग में पांच सदस्य होंगे। आयोग का काम ये देखना होगा कि कानूनों के तहत पिछड़े वर्गों को जो सुरक्षा मिलनी चाहिएं वो मिल रही हैं या नहीं। साथ ही आयोग पिछड़े वर्गों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए भी सरकार को सलाह देगा। साथ ही आयोग के पास किसी भी शिकायत की जांच के लिए सिविल कोर्ट के समान अधिकार होंगे।

उल्लेखनीय है कि ये विधेयक पिछले साल 10 अप्रैल को लोकसभा से पारित हो गया था लेकिन राज्यसभा ने इसे कई संशोधनों के साथ 31 जुलाई 2017 को पारित किया और 1 अगस्त 2017 को लोकसभा को लौटा दिया। केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने सदन में बताया कि अब ये विधेयक अत्याधिक सक्षम है और संवैधानिक दायरे में आ गया है।

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