Birthday Spl- 1980 से 1990 के दशक की हर फिल्म में विलेन होते थे अमरीश पूरी

बॉलीवुड में अपनी दमदार आवाज और विलेन किरदार की वजह से जगह बनाने वाले एक्टर अमरीश पुरी का जन्म 22 जून 1932 को पंजाब के जालंधर में पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम लाला निहाल चंद पुरी और मां का नाम वेद कौर था। अमरीश पुरी गायक के एल सहगल के पहले कजिन थे। इसके बाद उनका परिवार शिमला में जाकर बस गया। उन्होंने हिमाचल के बीएम कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की थी।अपने भाईयों मदन पुरी और चमन पुरी के नक्शेकदम पर चलते हुए अमरीश भी बॉलीवुड में काम करने के लिए आए। लेकिन अपने पहले ही स्क्रीन टेस्ट में फेल हो गए। जिसके बाद उन्होंने ईएसआईसी में नौकरी के साथ ही थिएटर करना शुरु किया।
अमरीश के फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1970 में आई फिल्म प्रेम पुजारी के साथ हुई। अपने करियर के दौरान उन्होंने 400 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था।पुरी को 1980 में आई फिल्म हम पांच में अपने विलेन के किरदार की वजह से पहचान मिली। इस फिल्म में उन्होंने मुख्य विलेन का रोल निभाया था। 1980 से 1990 के दशक में उनकी पॉपुलैरिटी का आलम यह था कि लगभग हर फिल्म में विलेन का किरदार अमरीश पुरी को ही मिलता था।
पुरी को 1980 में आई फिल्म हम पांच में अपने विलेन के किरदार की वजह से पहचान मिली। इस फिल्म में उन्होंने मुख्य विलेन का रोल निभाया था।1980 से 1990 के दशक में उनकी पॉपुलैरिटी का आलम यह था कि लगभग हर फिल्म में विलेन का किरदार अमरीश पुरी को ही मिलता था।अपने करियर के दौरान अमरीश पुरी ने कई फिल्मों में सकारात्मक भूमिका भी निभाई। जिसमें शाहरुख खान और काजोल की एवरग्रीन दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे प्रमुख है।अपने करियर के दौरान अमरीश पुरी को कोयला, बादशाह, करण अर्जुन और गदर: एक प्रेम कथा जैसी फिल्मों के लिए बेस्ट विलेन का फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला था। अमरीश पुरी की आखिरी फिल्म 2009 में आई पूरब की लैला पश्चिम की छैला: हैल्लो इंडिया थी। 13 जनवरी 2005 के दिन इस बेहतरीन एक्टर ने दुनिया को अलविदा कह दिया था।

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