BirthDay Spl: पंचम दा ने आशा’को ऐसे किया प्रपोज, सिर्फ तुम ही हो जो सुर को समझ सकती हो

आज पंचम दा का जन्मदिन है। ऐसे में आशा भोसले का जिक्र होना तो बनता है। आशा जी हमेशा पंचम दा को आगे पढ़ने के लिए बोलती रहती थीं। जिससे वो काफी इरिटेट भी होते थे। आरडी बर्मन ने आशा जी को प्रपोज करते समय कहा था कि सिर्फ तुम ही हो जो सुर को समझ सकती हो। मुझे तुम्हारी आवाज से प्यार हो गया है। आशा जी समझ गईं और उन्होंने हां बोल दी थी। इस सुरीली जोड़ी ने बॉलीवुड इंडस्ट्री को तमाम यादगार नगमे दिए हैं। एक समय तो ऐसा था जब आशा सिर्फ पंचम दा के लिए गाने गाती थीं। उनकी रिकॉर्डिंग के समय फिर वो किसी और को समय नहीं देती थीं।
1981 का एक किस्सा है। म्यूजिशियन कल्याण सेन ने फिल्म मुन्नी बाई के एक गाने की रिकॉर्डिंग के लिए आशा ताई को अप्रोच किया। उनके पीए बाबू भाई के जरिए आशा जी की रजामंदी मिल गई। 5 हजार रुपए फीस तय हुई। कल्याण सेन भी अपनी पूरी टीम के साथ रिकॉर्डिंग के लिए पहुंच गए। तब बाबू भाई ने कहा कि आशा जी के दांत में दर्द है आप बाद में आना।
वहीं कल्याण सेन को खबर मिली थी कि वो उसी दिन अपने पति आरडी बर्मन के लिए रिकॉर्डिंग कर रही थीं। वो रोते हुए आरडी बर्मन के ऑफिस पहुंच गए। कल्याण जी की बात सुनते ही पंचम दा ने आशा को कस के डांटा और अपनी रिकॉर्डिंग कैंसिल करवा दी।
इसके बाद मुन्नी बाई का गीत ‘लो संभालो दिल बड़ी मुश्किल’ तैयार हुआ।

रिकॉर्डिंग स्टूडियो में हुई थी मुलाकात

आशा जी और आरडी बर्मन की लव स्टोरी भी कमाल की है। दोनों की मुलाकात एक रिकॉर्डिंग स्टूडियो में हुई। एसडी बर्मन ने आशा से आरडी बर्मन को मिलवाते हुए कहा था कि ये मेरा लड़का है।उस समय बर्मन ने आशा से ज्यादा बात नहीं की थी बस एक नोट बुक उनकी ओर बढ़ाकर ऑटोग्राफ मांगा था। आशा ने बताया था कि वो एक मोटा चश्मा लगाए थे। उस वक्त अपनी उम्र से छोटे लग रहे थे आरडी बर्मन। उन्होंने म्यूजिक के लिए अपनी 10वीं की पढ़ाई छोड़ दी थी।

Back to top button