BirthDay Spl: बॉलीवुड में हीरो रहे राज बब्बर को बेस्ट एक्टर नहीं मिला बेस्ट विलन का अवार्ड

बॉलीवुड में निकाह जैसी बेहतरीन फिल्म और राजनीति में तीखे स्वर और बेबाक राय की वजह से जाने जाने वाले एक्टर राज बब्बर आज 65 साल के हो गए हैं। इंडियन सिनेमा में एक्टर और विलेन दोनों के किरदारों में खुद को बखूबी ढालने वाले राज बब्बर के जन्मदिन के इस खास मौके पर उनसे जुड़े कुछ खास किस्सों का जिक्र हम यहाँ कर रहे हैं.
बॉलीवुड में नायक और खलनायक दोनों ही रोल में फिट बैठने वाले राज बब्बर को बचपन से ही एक्टिंग का शौक था और इसीलिए उन्होंने कुछ और करने के बजाय नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला लिया। एनएसजी से पढ़ाई खत्म करने के बाद राज ने मुबंई का रुख किया।जब हम 70 के दशक के राज बब्बर को देखते हैं, तो हम उन्हें बॉलीवुड के सर्वश्रेष्ठ फिल्म एक्टर के रूप में तो नहीं देख सकते लेकिन इसके बावजूद राज बब्बर ने बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई। यहां तक की खुद को भीड़ से अलग दिखाने की कोशिश में वो 1980 में आई फिल्म ‘इंसाफ का तराजू’ में एक रेपिस्ट का किरदार निभाने से भी न चूके।

इस फिल्म के बाद राज को विलेन के रुप में जबरदस्त पहचान मिली। जिसमें ‘जिद्दी’, ‘दलाल’, ‘दाग द फायर’ जैसी फिल्मों में उनके रोल को सराहा गया। 1994 में आई ‘दलाल’ फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ विलेन का पुरस्कार भी मिला।अभिनय के साथ-साथ राज बब्बर अपने रिश्तों को लेकर भी खबरों में रहे हैं। कहा जाता है राज, स्मिता पाटिल के प्यार में इस कदर दिवाने थे कि 80 के दशक में जमाने को अनदेखा कर राज बब्बर, स्मिता पाटिल के साथ लिव-इन में रहने लगे। तब इस बात के लिए राज की काफी में आलोचना भी हुई, लेकिन उन्होंने कभी इसकी परवाह नहीं की। बाद में राज ने स्मिता पाटिल से शादी भी कर ली थी।
दौड़ में हार उसकी नही होती जो फिसल जाता है, हार उसकी होती है जो फिसलकर नहीं उठता.. जैसे बेहतरीन डॉयलॉग से लोगो को रोमांचित कर देने वाले राज बब्बर राजनीति में आज एक जाना माना चेहरा है। राज ने 1989 में जेडीयू से जुड़कर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। राज बब्बर का राजनीतिक सफर कांग्रेस के विरोध से जरूर शुरू हुआ लेकिन आज राज बब्बर की गिनती कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में होती है।

राज बब्बर ने अपने फिल्मी करियर में कई सारी फिल्में की और ढ़ेरों दौलत और शोहरत कमाई लेकिन कहा जाता है कि बॉलीवुड में वह वो मुकाम नहीं हासिल कर पाए जिसके वे हकदार थे।

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