राष्ट्रीय

सीएए हिंसा रोकने बीजेपी ने जन जागरूकता अभियान चलाने का लिया निर्णय

गांव-गांव, नगर-नगर जाकर लोगों को कानून के बारे में बताने के लिए कहा

नई दिल्ली: असम में नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) के खिलाफ प्रदर्शन थमता नहीं दिख रहा है. क‌र्फ्यू को नकारते हुए बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे. इन्ही सभी के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी ने एक विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है.

इस जागरूकता अभियान के तहत बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को गांव-गांव, नगर-नगर जाकर लोगों को कानून के बारे में बताने के लिए कहा है. इसके लिए पार्टी ने सभी प्रदेश इकाइयों को निर्देश जारी किया है.

बीजेपी नेतृत्व ने प्रदेश इकाइयों को जारी निर्देश में कहा है, ‘जनता को जाकर बताएं कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) किसी भी नागरिक के अधिकार को नहीं छीनता, बल्कि यह पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक प्रताड़ना का शिकार होकर शरण लेने वाले हिंदू, बौद्ध, सिख, ईसाई, जैन और पारसियों को नागरिकता का अधिकार देता है. यह मुस्लिम या किसी धर्म के खिलाफ नहीं है.’

घेराबंदी करने की कोशिश

जागरूकता अभियान से पहले राज्य और जिला मुख्यालयों पर एक दिन का कैंप लगाकर कार्यकर्तांओं को कानून के सभी प्रावधानों के बारे में बताने को कहा गया है. पार्टी ने कार्यकर्ताओं की जानकारी के लिए ऐसे सवालों के जवाब भी तैयार कर भेजे हैं, जिसको लेकर विपक्ष घेराबंदी करने की कोशिश कर रहा है.

बीजेपी सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से इस कानून के विरोध में दिल्ली सहित कई राज्यों में हिंसक घटनाएं हो रहीं, उससे पार्टी को लगता है कि विपक्ष जनता को बरगला रहा है. इस लिहाज से पार्टी अब विपक्षी दावों का काउंटर करने के लिए जन-जन तक पहुंचने की तैयारी में है.

बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘नागरिकता संशोधन कानून पर हम तथ्यों के साथ जनता के पास जा रहे हैं. कांग्रेस और कुछ विपक्षी पार्टियां जनता को गुमराह कर हिंदुस्तान को आगजनी और हिंसा की ओर धकेलना चाहती हैं. मगर हम ऐसा नहीं होने देंगे.’

पार्टी वर्कर आम लोगों के सवालों का देंगे जवाब

बिल क्यों लाया गया, किसके लिए लाया गया, इसका लाभ किसको और कैसे मिलेगा, क्या यह कानून संविधान के विरुद्ध है, क्या यह कानून मुस्लिमों के खिलाफ है, ऐसे तमाम सवालों का पार्टी कार्यकर्ता आम जन को जवाब देंगे.

बीजेपी ने इस अभियान को तत्काल प्रभाव से चलाने के लिए कहा है. राज्य और जिला इकाइयां अपने स्तर से कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर जागरूकता अभियान का कार्यक्रम तय करेंगी.

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