तिरंगे के ऊपर दिखा बीजेपी का झंडा, विपक्षी दलों ने उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे कल्याण सिंह के अंतिम दर्शन के दौरान उनके पार्थिव शरीर पर बीजेपी का झंडा रखने को लेकर राजनीतिक दलों के बीच सियासी जंग शुरु हो गई है। इस तस्वीर को लेकर कांग्रेस, टीएमसी समेत कई विपक्षी दलों ने बीजेपी पर हमला बोला है।

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री व बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे कल्याण सिंह के अंतिम दर्शन के दौरान उनके पार्थिव शरीर पर बीजेपी का झंडा रखा गया था। कांग्रेस, टीएमसी समेत कई विपक्षी दलों ने तिरंगे के ऊपर बीजेपी का झंडा रखने का विरोध किया है। इस तस्वीर को लेकर तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने बीजेपी से सवाल पूछा है कि तिरंगे का अपमान करना, मातृभूमि का सम्मान करने का क्या नया तरीका है?

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने कल्याण सिंह के अंतिम दर्शन वाली तस्वीर ट्वीट की है। उन्होंने लिखा, ”राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना क्याय मातृभूमि का सम्मान करने का नया तरीका है? रॉय ने जो तस्वीर शेयर की है, उसमें बीजेपी के कई नेता नजर आ रहे हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, यूपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह अंतिम दर्शन करते हुए दिख रहे हैं।

वहीं, सुखेंदु शेखर रॉय के इस ट्वीट पर टीएमसी के ही एक नेता रिजू दत्ता ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा है कि लगता है बीजेपी हमारे देश के तिरंगे से बड़ी है…शर्मनाक। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने भी तस्वीरें साझा की हैं।

यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने तस्वीर साझा करते हुए पूछा है कि क्या भारत के झंडे से ऊपर किसी पार्टी का झंडा रखना ठीक है? एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, ”स्व. कल्याण सिंह जी के निधन पर विनम्र श्रद्धाजंलि, लेकिन इस तस्वीर को देखकर एक सवाल है क्या किसी पार्टी का झंडा तिरंगे से भी ऊपर हो सकता है? राष्ट्रीय ध्वज का अपमान-मातृभूमि का सम्मान करने का नया तरीका?”

बता दें कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का शनिवार को निधन हो गया। वो लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे। उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की गिनती राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख नायकों में होती है। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ऐसे नेता रहे हैं जिन्होंने राम मंदिर के लिए अपनी सरकार तक बलिदान कर दी। वे बीजेपी में ऐसे नेता रहे हैं, जिन्होंने 1991 विधानसभा चुनाव में भाजपा को 57 से 221 सीटों तक पहुंचाकर उत्तर प्रदेश में भाजपा को हाशिए से सत्ता के शिखर तक पहुंचा दिया। वो राजस्थान के राज्यपाल भी रह चुके थे।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button