नए चेहरों पर दांव लगाकर भाजपा ने बढ़ाई संख्या

लखनऊ : भाजपा ने डेढ़ दर्जन से अधिक संसदीय क्षेत्रों में नए चेहरों पर दांव लगाया और यह प्रयोग काफी हद तक सफल रहा। इससे भाजपा को लोकसभा में संख्या बढ़ाने में सफलता मिली। भाजपा ने आगरा सांसद राम शंकर कठेरिया को इटावा भेजा जबकि पीलीभीत की मेनका गांधी को सुलतानपुर और सुलतानपुर के सांसद वरुण गांधी की सीट में अदला-बदली कर दी। इससे इन तीनों सीटों पर भी भाजपा को विजयश्री मिल गई। यद्यपि सुलतानपुर में मेनका गांधी को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

भाजपा ने इस चुनाव में जिन सांसदों की जगह नये उम्मीदवार उतारे उनमें कानपुर से डॉ. मुरली मनोहर जोशी, झांसी से उमा भारती, देवरिया से कलराज मिश्र, रामपुर से नैपाल सिंह, संभल से सत्यपाल सैनी, शाहजहांपुर से केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज, मिश्रिख से अंजूबाला, हरदोई से अंशुल वर्मा, इलाहाबाद में श्यामा चरण गुप्ता, आगरा में अशोक दोहरे, बाराबंकी से प्रियंका सिंह रावत, फतेहपुर सीकरी से चौधरी बाबूलाल, बलिया से भरत सिंह, अंबेडकरनगर से हरिओम पांडेय, राबर्ट्सगंज से छोटेलाल खरवार, संतकबीरनगर से शरद त्रिपाठी, बांदा से भैरव प्रसाद मिश्र, हाथरस से राजेश कुमार दिवाकर, कुशीनगर से राजेश पांडेय और प्रतापगढ़ से अपना दल के कुंवर हरिवंश सिंह का नाम प्रमुख है।

भाजपा ने आगरा में प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल, इलाहाबाद में रीता बहुगुणा जोशी, बहराइच में अक्षयवर लाल गौड़, बलिया में वीरेंद्र सिंह मस्त, बांदा में आरके सिंह पटेल, बाराबंकी में उपेंद्र सिंह रावत, भदोही में रमेश बिंद, देवरिया में डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, फतेहपुर सीकरी में राजकुमार चाहर, हरदोई में जयप्रकाश रावत, हाथरस में राजवीर सिंह दिलेर, झांसी में अनुराग शर्मा, कानपुर में सत्यदेव पचौरी, कुशीनगर में विजय दुबे, मिश्रिख में अशोक रावत, प्रतापगढ़ में संगम लाल गुप्ता, संतकबीरनगर में प्रवीण निषाद और राबर्ट्सगंज में अपना दल से पकौड़ी लाल को मैदान में उतारकर भाजपा ने इन सीटों को अपने नाम दर्ज करा लिया। ये सभी चुनाव जीत गए। रामपुर में नैपाल सिंह की जगह मैदान में लाई गईं जयाप्रदा और संभल में सत्यपाल सैनी की जगह परमेश्वर सैनी चुनाव हार गए।

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