किसानों को सहकारी बैंक वाड्रफनगर से लेन-देन करने में हो रही समस्या,भाजपा किसान मोर्चा ने एस डी एम के माध्यम से कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

भाजपा किसान मोर्चा वाड्रफनगर आया सामने व एस डी एम के माध्यम से कलेक्टर को सौपा ज्ञापन।

ब्यूरो चीफ :-विपुल मिश्रा
रिपोर्ट:- शिव कुमार चौरसिया

वाड्रफनगर/बलरामपुर : सहकारी बैंक वाड्रफनगर में लेन-देन करने में हो रहे किसानों की समस्या को देखते हुए अन्य शाखा खुलवाने अन्य बैंक में लेनदेन करने की अनुमति या कर्मचारी बड़ाकर दो काउंटर से लेन देन करवाने की व्यवस्था हेतु भाजपा किसान मोर्चा वाड्रफनगर आया सामने व एस डी एम के माध्यम से कलेक्टर को सौपा ज्ञापन।

ज्ञात हो कि सहकारी बैंक वाड्रफनगर विकासखंड वाड्रफनगर का एकलौता सहकारी बैंक है जिस बैंक में विकासखंड वाड्रफनगर के समस्त कृषक पश्चिम में करी,कोगवार से लेकर पूर्व में दुआरी,रामपुर तक ईसी बैंक से धान इत्यादि कृषि उपज जो सहकारी समिति में खरीदी होती है एवं उक्त समिति से दिए गए जाने वाले ऋण का भी लेनदेन इसी बैंक से होता है जिससे कृषको की भीड़ अपार संख्या में होती है।

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इसके अतिरिक्त भी बैंक कर्मचारी की मिलीभगत एवं भ्रष्टाचार के कारण कृषक समय पर अपने बेचे गए वस्तु धान का पैसा नहीं ले पा रहे हैं यथा एक गरीब कृषक अपनी लड़की का शादी करने हेतु दिल तिथि निर्धारित करके अपनी लड़की को उपहार देने के लिए इस वर्ष बेच गय धान 25 बोरी का पैसा लेने सहकारी बैंक में जाते हैं और अपार भीड़ देखकर वापस हो जाते हैं यह प्रक्रिया चार-पांच दिन तक दोहराया जाता है पत्नी के झिड़की देने पर वह बड़े सुबह ही सरकारी बैंक चल देता है

जाते समय अपनी पत्नी से बोल देता है कि पनपियाव लेते आना हम सबसे पहले लाइन में लगने जा रहे हैं जब वह पहुंचता है तो देखता है कि 25 से 30 लोग लाइन में लगे हैं और उनके बीच वह भी लाइन में लग जाता है 11:30 बजने पर उसकी पत्नी पनपियाव लेकर जाती है वह अपने पत्नी को लाइन में अपने स्थान में लगाकर स्वयं मुखारी करके रोटी खाकर पानी पी कर अपने स्थान पर खड़ा होता है तब बैंक में लेनदेन करने वाले की भीड़ बनी रहती है

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परंतु लाइन में लगे कृषकों का खोज पुछार कोई नहीं करता बीच में आने जाने वाले कृषकों से सजल एवं कातर दृष्टि से देखकर सहमते हुए पूछे जाने पर उनके द्वारा कहा जाता है कि (अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता यदि 2 परसेंट दोगे तो तुरंत पैसा दिलाएंगे नहीं तो लाइन में लगे रहो कोई पूछने वाला नहीं है तब तक शाम हो जाता है और बैंक कर्मचारी बाहर निकल कर बोलते हैं कि पैसा समाप्त हो गया है अपना पासबुक ले लो इसी दिन अगले सप्ताह आना)

यहां तक कि बिना सोर्स वाला कृषक 30,000 पैसा लेने के लिए 3 सप्ताह तक बैंक का चक्कर लगाता है एक बार में केवल 10000 ही मिलता है जबकि बिचौलियों या अन्य पहुंच व सत्ता पक्ष के लोग लाखों रुपए फोन से ही ले लिया करते हैं इसके विपरीत साधारण कृषक सहकारी बैंक में जाने से पहले मन्नत करके या ओझा से देवता को मुर्गा बकरा चरवा कर सहकारी बैंक की ओर जाता है ताकि पैसा निकल जाए समय पर सहकारी बैंक का पैसा नहीं मिलने से कई शादियां रुक जा रही हैं कई जोड़े भाग कर शादी रचा रहे हैं कई बीमार दम तोड़ दे रहे हैं कितने कृषको का खाद बीज का पैसा समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है समय पर पैसा ना मिलना

“जून की कौड़ी बेजुन मुहर हो जा रहा है “

किसानों की समस्या को देखते हुए अन्य बैंकों का खाता नंबर भी सहकारी बैंक में लेना प्रारंभ कराकर या सहकारी बैंक का 2या3 शाखा खोलकर या तत्काल की इस स्थिति में कर्मचारी बढ़ाकर ,डबल खिड़की से लेन देन कर समस्या का समाधान किया जा सकता है ।किसानों की समस्या को “असाध्य रोग अश्वत्थामा के मस्तक का घाव न समझते हुए उचित कारगर पहल करने के लिए अध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा मंडल वाड्रफनगर जिला बलरामपुर रामानुजगंज छत्तीसगढ़ से अध्यक्ष सुनील पटेल एवं उनके साथियों के द्वारा बहुत ही सराहनीय पहल किया जा रहा ह।

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