मध्यप्रदेश में बीजेपी नेताओं के तेवर, कहा नये साल का जश्न विदेशी परंपरा

मध्यप्रदेश में बीजेपी नेताओं के तेवर, कहा नये साल का जश्न विदेशी परंपरा

भोपाल: नया साल आने वाला है, मगर मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नेता इसे लेकर कुछ तल्ख नजर आ रहे हैं. कुछ ने तो यहां तक कहा कि नये साल का स्वागत विदेशी परंपरा है. मध्यप्रदेश के पंचायती राज मंत्री गोपाल भार्गव के लिये नये साल में कुछ नहीं बदलेगा. उनका कहना है कि मेरे पास जश्न मनाने के पैसे नहीं हैं, मेरे लिये सब एक जैसा है. मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता.

वहीं, उज्जैन से बीजेपी विधायक मोहन यादव ने कहा कि ‘देश में सारे पर्व हिन्दू कैलेंडर के हिसाब से होने चाहिए. ये दुर्भाग्यपूर्वण है कि शराब पार्टी जैसी चीजों से नौजवान प्रभावित हो रहे हैं. हमारे लिये गुडी पाड़वा नया साल है’. इधर, उच्च शिक्षा मंत्री जयभान पवैया का मानना है कि जब देश की संस्कृति मजबूत होगी, तब लोग इस बारे में तय कर लेंगे. पवैया ने कहा ये ईसाइयों में होता है, ये उनकी परंपरा है. जो लोग पश्चिमी सभ्यता को मानते हैं वो मनाते हैं, मैं क्यों विरोध करूं, ये प्रजातंत्र है.

ध्यान देने वाली बात है कि मंत्री जी का बयान ऐसे वक्त में आया है, जहां राज्य में हाल ही में कथित तौर पर ईसाईयों पर हमला हुआ. विपक्षी कांग्रेस ने ऐसे बयानों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये बीजेपी नेताओं की संकीर्ण सोच का बतलाता है. यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष कुणाल चौधरी ने कहा इनके नेता कहते हैं नया साल मनाना बंद कर दो, वैलेंटाइन मनाना बंद कर दो. इस देश में राम भाव लाना है तो प्रेम भाव से ही आएगा कट्टरता से नहीं आएगा. बीजेपी के नेता संविधान को, सद्भभावना को मिटाना चाहते हैं.

बीजेपी के आला नेता भले ही प्रधानमंत्री को सैंटा क्लॉज बता चुके हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में उनकी पार्टी के नेताओं को लगता है कि वो संत ही रहें तो अच्छा है. उनके विचार से देश की संस्कृति और सभ्यता को बचाने के लिये समाज को हिन्दू कैंलेडर के हिसाब से चलना चाहिये.

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