बीजेपी सांसद अमित शाह के बयान पर जोरदार हंगामा, सदन की कार्यवाही स्थगित

नई दिल्ली ; संसद के मॉनसून सत्र का आज 9वां दिन है. असम में सोमवार को जारी NRC रजिस्टर पर जारी सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। संसद से लेकर सड़क तक विपक्षी दल और सरकार के बीच तकरार जारी है।

मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के 2 अन्य सांसदों ने NRC के मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है. वहीं राज्यसभा में NRC पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद अमित शाह के बयान पर जोरदार हंगामा हुआ जिसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई.

01.18 PM: लोकसभा की कार्यवाही 2.20 बजे तक स्थगित

01.12 PM: हंगामे की वजह से राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

01.11 PM: टीएमसी सांसद वेल में आकर प्रदर्शन कर रहे हैं. सभापति ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आप लोग आसन को चुनौती दे रहे हैं.

01.10 PM: राज्यसभा की कार्यवाही शुरू

01.00 PM: राज्यसभा में जोरदार हंगामा, कार्यवाही 1.10 बजे तक स्थगित

12.57 PM: राज्यसभा में अमित शाह के बयान के बाद जोरदार हंगामा. वेल में आकर विपक्षी सांसद नारेबाजी कर रहे हैं. बीजेपी के सांसद भी अपनी सीटों से खड़े होकर नारेबाजी कर रहे हैं. स्पीकर ने सभी सांसदों से शांत रहने की अपील की.

12.55 PM: बीजेपी सांसद अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि अवैध घुसपैठियों को पहचानकर उन्हें अलग करने के लिए एक NRC बनाया जाएगा और यह पहले से तय था. उन्होंने कहा कि यह करने की हिम्मत आप में नहीं थी लेकिन हम में हिम्मत है और यह करके दिखाया है. शाह ने विपक्षी सांसदों से पूछा कि 40 लाख घुसपैठियों को कौन बचाना चाहता है.

12.52 PM: बीजेपी सांसद अमित शाह ने कहा कि किसी भी नेता ने NRC के मूल का मुद्दा नहीं उठाया. उन्होंने कहा कि असम में जोरदार आंदोलन हुआ और 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने असम एकॉर्ड बनाया था.

12.47 PM: असम से बीपीएफ सांसद बिश्वजीत दैमारी ने कहा कि 40 लाख की जो संख्या है वह नहीं बढ़ सकती क्योंकि इसमें नवजात बच्चों तक का नाम शामिल है. उन्होंने कहा कि इसमें देश के बाकी राज्यों को भी असम का सहयोग करना चाहिए. बिश्वजीत ने कहा कि किसी भी भारतीय का नाम लिस्ट से नहीं हटाया गया है और इन 40 लाख लोगों पर कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा, यह पहले से तय है.

12.39 PM: सीपीआई सांसद डी राजा ने कहा कि यह फैसला पड़ोसी मुल्कों से हमारे रिश्तों को प्रभावित करेगा. उन्होंने कहा कि सरकार को इस मसले पर संसद और अन्य दलों को भरोसे में लेना चाहिए.

12.33 PM: एनसीपी सांसद माजिद मेमन ने NRC के मुद्दे पर चर्चा में कहा कि जिनके पास सबूत नहीं उन्हें देश से बाहर नहीं निकाला जा सकता. उन्होंने गृह मंत्री से कहा कि 50 साल से जो भारत में रह रहा है वह अब कहां जाकर रहेगा, कोई भी देश उन्हें स्वीकार नहीं करेगा.

12.27 PM: राज्यसभा में टीडीपी सांसद वाईएस चौधरी ने कहा कि असम में 40 लाख लोगों को शरणार्थी घोषित कर दिया गया अब वो कहां जाकर रहेंगे. उन्होंने कहा कि आगे ऐसा फैसला देश के किसी भी राज्य में आ सकता है और हमें रंग, समुदाय, जाति, धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहिए.

12.23 PM: राज्यसभा में टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर ने NRC पर चर्चा के दौरान कहा कि असम में कई अहम लोगों के नाम काटे गए हैं. यहां तक कि डिप्टी स्पीकर और सरकारी कर्मचारियों के नाम भी गायब हैं. उन्होंने कहा कि यह फैसला संविधानिक अधिकारों के खिलाफ है और मानव अधिकारों का उल्लंघन है.

12.12 PM: लोकसभा में टीएमसी सांसद सौगत राय ने NRC का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह केंद्र की ‘बांटो और राज करो’ नीति का हिस्सा है. इस पर स्पीकर ने कहा कि गृहमंत्री बयान दे चुके हैं और आगे यह मुद्दा सदन में नहीं उठाना चाहिए.

12.11 PM: सपा सांसद रामगोपाल यादव ने चर्चा के दौरान कहा कि ऐसा चर्चा है कि जिनके पास सबूत हैं उनके भी नाम लिस्ट से काटे गए हैं. यादव ने कहा कि संविधान के मुताबिक किसी को भी देश के किसी भी हिस्से में रहने का मौलिक अधिकार है

जबकि लिस्ट में से बिहार, यूपी, हिन्दू, मुसलमान सभी के नाम काटे गए हैं, वो अब कहां जाएंगे. उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में अगर किसी का नाम काट दिया जाएगा तो वह कहां जाएगा, क्योंकि वह कोई विदेशी तो है नहीं.

12.07 PM: असम की सरकार हो चाहे केंद्र की, इसे किसी भी रूप में राजनीति के मुद्दा नहीं बनाना चाहिए. यह मानव अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है और न्यायसंगत प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए.

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