‘आप’ के नये दाँव से भाजपा कांग्रेस की पेशानी पर बल

आप के नये दाँव से भाजपा कांग्रेस की पेशानी पर बल

रायपुर : आम आदमी पार्टी ने युवा आदिवासी नेता कोमल हुपेंडी को मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट कर भाजपा एवं कांग्रेस के सामने मुश्किल खड़ी कर दी है. दोनों ही पार्टियाँ अब अपनी चुनावी रणनीति की समीक्षा में जुट गयी हैं. जब से छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ है, उसी समय से आदिवासी बहुल राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री की मांग उठती रही है. वर्ष 2003 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था और यह तय था कि चुनाव के बाद यदि पार्टी को बहुमत प्राप्त होता है तो अजीत जोगी ही मुख्यमंत्री बनेंगे. लेकिन कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला इसलिए कांग्रेस की एकमात्र प्रतिद्वंदी पार्टी भाजपा सत्ता में आ गयी.

भाजपा ने मुख्यमंत्री की कुर्सी पर डॉ. रमन सिंह को बैठाया. इसके पूर्व राज्य के गठन के बाद अजीत जोगी पहले मुख्यमंत्री बने थे. उस समय विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता पद पर आदिवासी नेता नंदकुमार साय थे. इसलिए 2003 के चुनाव के बाद यह माना जा रहा था कि श्री साय को ही मुख्यमंत्री बनाया जायेगा लेकिन दुर्भाग्य से 2003 का विधानसभा चुनाव श्री साय हार गए थे. पार्टी ने उन्हें अजीत जोगी के खिलाफ खड़ा किया था. बहरहाल आदिवासी मुख्यमंत्री का सपना उसी समय ध्वस्त हो गया. उसके बाद कई बार आदिवासी मुख्यमंत्री की मांग उठी लेकिन भाजपा ने उस मांग को कभी गंभीरता से नहीं लिया. इसके विपरीत यह कोशिश की कि पार्टी में जो भी वरिष्ठ आदिवासी नेता हैं, उन्हें मुख्यधारा से धीरे धीरे अलग कर दिया जाय.

नंदकुमार साय के पक्ष में जब आवाज बुलंद होने लगी तो उन्हें राज्यसभा भेज दिया गया . बाद के दिनों में रामविचार नेताम को भी राज्यसभा में बैठा दिया गया. ननकीराम कवंर को राज्य का गृह मंत्री जरुर बनाया गया था लेकिन गृह मंत्रालय में उनकी कभी नहीं चली . रामविचार नेताम भी गृहमंत्री रहे लेकिन उन्हें असरदार नहीं होने दिया गया. बहरहाल छत्तीसगढ़ को आदिवासी मुख्यमंत्री देना भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता सूची में नहीं है. उधर कांग्रेस के पास भी कई आदिवासी चेहरे हैं लेकिन उसने भी कभी मुख्यमंत्री के रूप में किसी को आगे नहीं किया.

वैसे भी कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट नहीं करती है. उस पार्टी में विधायकों के पसंद का नहीं हाईकमान की पसंद का मुख्यमंत्री होता है. अब आम आदमी पार्टी ने आदिवासी मुख्यमंत्री का दाँव खेलकर आदिवासी के बीच आशा की नयी लहर का संचार कर दिया है. हालाँकि छत्तीसगढ़ में यह पार्टी पहली बार ही चुनाव लड़ रही है लेकिन आप का दिल्ली परफार्मेंस सभी के सामने हैं. आप का मुख्यमंत्री उम्मीदवार कोमल हुपेंडी एक पढ़ा लिखा विनम्र और बेदाग़ युवक है और वह आदिवासियों में लोकप्रिय भी है. आम आदमी पार्टी का यह दाँव क्या गुल खिलाएगा यह तो भविष्य के गर्भ में है लेकिन इससे राज्य की चुनावी फिजा में एक नयी रंगत आने की उम्मीद बढ़ी है.
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