हरियाणा में 50 विधानसभा सीटों पर हुई हार की क्षेत्रवार समीक्षा करेगी बीजेपी

पांच बागियों के निर्दल चुनाव जीतने से भी पार्टी हैरान

नई दिल्ली: बीजेपी ने 2014 के विधानसभा चुनाव में 47 सीटें जीतकर पहली बार बहुमत से राज्य में सरकार बनाई. तब पार्टी ने गैर जाट चेहरे और पहली बार विधायक बने मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री चुनकर सबको हैरान कर दिया.

इस बार चुनाव में बहुमत के आंकड़े 46 से बीजेपी को छह सीटें कम यानी 40 सीटें मिलीं. जबकि बीजेपी ने चुनाव के दौरान कुल 90 में 75 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया. बहुमत से चूक जाने के बाद बीजेपी को इस बार जेजेपी के साथ गठबंधन कर सरकार बनानी पड़ी है.

इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हरियाणा में कुल 90 में से 50 विधानसभा सीटों पर हुई हार की क्षेत्रवार समीक्षा करेगी. राज्य में सात मंत्रियों की हार और बीजेपी के पांच बागियों के निर्दल चुनाव जीतने से भी पार्टी हैरान है.

पार्टी को लगता है कि कई सीटों पर टिकट वितरण में चूक हुई है, नहीं तो नतीजे 2014 की तरह होते. बीजेपी की जांच के केंद्रबिंदु में ‘इलेक्शन मैनेजमेंट’ भी है. बीजेपी के भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि हरियाणा में इलेक्शन मैनेजमेंट में भी कुछ चूक हुई.

टिकट के दावेदार उम्मीदवारों के बारे में जानकारियां जुटाकर बनाई गई रिपोर्ट भी ठीक नहीं रही. इससे कई सीटों पर योग्य उम्मीदवारों को नजरअंदाज कर कमजोर प्रत्याशियों को टिकट मिला.

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