काले धन को सफेद करने भाजपा करेगी कार्यकर्ताओ से वसूली का ड्रामा : अमित जोगी

रायपुर : मरवाही विधायक अमित जोगी ने भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कार्यकर्ताओं से चेक से रकम लेने के फ़ैसले को नोटबंदी की तरह काले धन को सफेद करने की चाल बताया। उन्होंने कहा कि पहले भाजपा कार्यकर्ता अपनी श्रद्धा और हैसियत के हिसाब से चंदा देते थे,जिससे पार्टी का खर्चा चलता था लेकिन अब मुख्यमंत्री को ये अंदाजा हो गयाहै कि जनता को चौथी बार बेवक़ूफ़ बनाकर सरकार बनाना मुश्किल साबित हो रहा है, इसलिए अब भविष्य में ख़ुद को रिश्वतख़ोरी और भ्रष्टाचार आपराधिक अभियोजन से बचाने कीनियत से पिछले १४ सालों में छत्तीसगढ़ को लूटकर, यहां की भोली-भाली जनता का ख़ून चूसकर इकट्ठा किया काला धन को अब पारदर्शिता के नाम पर नोटबंदी की तरह यह भी सफ़ेद करने की भाजपा की चाल है। अमित ने भाजपा के उस दावे को भी खोखला बताया जिसमें यह कहा जा रहा है कि कार्यकर्ताओं से रकम चेक के माध्यम से इसलिए ली जाएगी ताकि पारदर्शिता रहे।

पिछले 14 साल से तो छत्तीसगढ़ में भाजपा की ही सरकार है जिसके कार्यों में कहीं भी पारदर्शिता नजर नहीं आती। अगर रमन सरकार में पारदर्शिता होती तो इतने घोटाले कैसे सामने आते? विदेशों में खाता कैसे खुलता? मंत्रियों की अचल संपत्ति में इजाफा कैसे होता? मंत्री के खिलाफ ईडी जांच की नौबत क्यों आती? मरवाही विधायक ने कहा कि पारदर्शिता का ढिंढोरा पीटने वालों को बतानाचाहिए कि रमन सरकार के 14 सालों के दौरान नान, अगस्ता, पनामा, भदौरा, जलकी जैसे हज़ारों प्रकरणों में कहाँ थी पारदर्शिता अमित ने सीधे सीधे आरोप लगाया कि इसी काले धन की कमाई से बना है भारत का सबसे महँगा 350 करोड़ रूपए की लागत का प्रदेश भाजपा कार्यालय, जो किसी ताज महल से कम नहीं। अमित जोगी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इस मामले में प्रदेश का मुख्य विपक्षी दल होने के बावजूद कांग्रेस चुप है। इसी कारण कांग्रेस को ये सब बातें नजर नही आती और वे धृतराष्ट बनकर बैठे हैं। प्रमुख विपक्षीदल होने के बाद भी कांग्रेस का चुप रहना फिर से इस बात को सिद्ध करता है कि लूट में उसके नेता भी शेयर होल्डर हैं।

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