छत्तीसगढ़

जगदलपुर में भाजपा की चुनौती से निपटना आसान नहीं

-प्रदीप शर्मा

रायपुर।

छत्त्तीसगढ़ बनने के बाद बस्तर जिले की जिस सीट पर कांग्रेस आज तक अपना खाता नहीं खोल पाई है उसमें जगदलपुर सामान्य विधानसभा सीट शामिल है। वर्तमान में यहां से संतोष बाफना विधायक चुने गए हैं।

साल 2003 के परिसीमन से पहले जगदलपुर विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित थी। 2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां डॉ. सुभाऊ कश्यप को अपना प्रत्याशी बनाया था वहीं कांग्रेस की ओर से झीतूराम बघेल मैदान में थे। जिसमें भाजपा के डॉ. सुभाऊ कश्यप ने सीधे मुकाबले में कांग्रेस के झीतूराम बघेल को 30289 मतों से हराया।

डॉ. सुभाऊ कश्यप को 60327 मत मिले वहीं झीतूराम बघेल को 30038 मतों से संतोष करना पड़ा। परिसीमन के बाद सामान्य सीट घोषित हुई जगदलपुर सीट पर भाजपा ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए 2008 के चुनाव में संतोष बाफना को मैदान में उतारा। वहीं कांग्रेस ने रेखचंद जैन को अपना उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में भाजपा के संतोष बाफना ने सीधे मुकाबले में कांग्रेस के रेखचंद जैन को 17524 मतों से हराया। संतोष बाफना को 55003 मत मिले वहीं रेखचंद जैन को 37479 मतों से संतोष करना पड़ा।

2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने संतोष बाफना को दोबारा मैदान में उतारा। वहीं कांग्रेस शामू कश्यप को मैदान में उतारा था। इस चुनाव में भाजपा अपनी जीत बचा पाने में कामयाब रही। भाजपा के संतोष बाफना ने सीधे मुकाबले में कांग्रेस के शामू कश्यप को 16658 मतों से हराया। संतोष बाफना को 64803 मत मिले वहीं शामू कश्यप को 48145 मतों से संतोष करना पड़ा।

आने वाले चुनाव में सर्व आदिवासी समाज, जोगी-बसपा गठबंधन, आम आदमी पार्टी व सीपीआई भी मैदान में होगी, ऐसे हालात में बहुकोणीय मुकाबले के आसार हैं। इस बार भाजपा को अपनी जीत बचाने के लिए मशक्कत करनी होगी।

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