डोंगरगढ़ में कांग्रेस के आगे जीत बचाने की चुनौती, भाजपा लगाएगी जोर

प्रदीप शर्मा

रायपुर।

राजनांगांव जिले की डोंगरगांव सामान्य विधानसभा सीट पर पिछले तीन चुनाव में दो बार भाजपा तो एक बार कांग्रेस का कब्जा रहा। वर्तमान में यहां से कांग्रेस के दलेश्वर साहू विधायक चुने गए हैं।

साल 2003 के विधानसभा चुनाव में यहां से भाजपा ने प्रदीप गांधी को अपना उम्मीदवार बनाया था, वहीं कांग्रेस की ओर से गीतादेवी सिंह मैदान में थी। इस चुनाव में भाजपा के हाथों कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। प्रदीप गांधी ने बहुकोणीय मुकाबले में कांग्रेस की गीतादेवी सिंह को 6135 मतों से हराया। प्रदीप गांधी को 42784 मत मिले वहीं गीतादेवी सिंह को 36647 मतों से संतोष करना पड़ा। एनसीपी के मुरलीधर पंजवानी 5.41 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 4913 मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहे। निर्दलीय राजुकमारी लोधी चौथे व मंगलदास बंजारे पांचवें स्थान पर रहे।

2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए खेदूराम साहू को मैदान में उतारा जो जीत कर विधानसभा में पहुंचने में कामयाब रहे। खेदूराम साहू ने बहुकोणीय मुकाबले में कांग्रेस की गीतादेवी सिंह को 9407 मतों से हराया। खेदूराम साहू को 61344 मत मिले वहीं गीतादेवी सिंह को 51937 मतों से संतोष करना पड़ा। निर्दलीय मंगलदास बंजारे 2.98 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 3626 मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहे।

दिलीप कुमार साहू चौथे व राकेश श्रीवास पांचवें स्थान पर रहे। 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए दिनेश गांधी को मैदान में उतारा था। जिन्हें कांग्रेस के दलेश्वर साहू के हाथों 1698 मतों से हार का सामना करना पड़ा। नोटा तीसरे स्थान पर रहा। निर्दलीय रमेश वर्मा चौथे व दिलीप कुमार साहू पांचवें स्थान पर रहे।

आने वाले चुनाव में भाजपा के सामने डोंगरगढ़ में जीत की चुनौती होगी तो कांग्रेस को एंटीइनकम्बेंसी फैक्टर का सामना कर पड़ सकता है। इस बार बसपा-जोगी कांग्रेस गठबंधन के साथ आम आदमी पार्टी भी मैदान में है। ऐसे हालात में बहुकोणीय मुकाबले के आसार हैं।

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