कैराना चुनाव में भाजपा की बढ़ी मुश्किले, विपक्षी पार्टियों का याराना बढ़ा

कांग्रेस ने भी ऐलान कर दिया है कि वह अपने प्रत्याशी को कैराना के मैदान में नहीं उतारेगी और सपा-रालोद-बसपा समर्थित उम्मीदवार को ही अपना समर्थन देगी

नई दिल्ली: कर्नाटक में सरकार बनाने में नाकाम रहने वाली भारतीय जनता पार्टी के लिए अब उत्तर प्रदेश का कैराना लोकसभा उपचुनाव नाक की लड़ाई बन गई है. कैराना उपचुनाव को जीतना न सिर्फ बीजेपी के लिए अहम है, बल्कि उसके लिए बड़ी चुनौती भी है. क्योंकि कैराना लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी एक तरफ और तो उसे टक्कर देने के लिए सारी पार्टियां संयुक्त रूप से दूसरी ओर है. यानी बीजेपी को छोड़ दे तो, कैराना में विपक्षी पार्टियों का याराना बढ़ रहा है. अब दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने भी सपा-बसपा-रालोद समर्थित उम्मीदवार के समर्थन का ऐलान कर दिया है.

हालांकि, इससे पहले ही कांग्रेस ने भी ऐलान कर दिया है कि वह अपने प्रत्याशी को कैराना के मैदान में नहीं उतारेगी और सपा-रालोद-बसपा समर्थित उम्मीदवार को ही अपना समर्थन देगी. यानी कैराना के चुनावी मैदान में अब बीजेपी चारों तरफ से घिर चुकी है. यानी सभी पार्टियों ने मिलकर बीजेपी को हराने के लिए चक्रव्यूह रच लिया है.

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