2500 की दर से धान खरीदी न करने पर भाजपा का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन

हिमांशु सिंह ठाकुर:

कवर्धा: राज्य की भूपेश सरकार बताए कि आज धान खरीदी में एक माह की देरी क्यों व चुनावी वादे के अनुसार 2500 की दर से धान खरीदी न करने पर पूरे प्रदेश में कल एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया था।

भारत माता चौक में आयोजित कवर्धा जिला भाजपा के धरना कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे साँसद संतोष पाण्डे ने कहा भूपेश सरकार का 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी करें, किसान चिंतित परेशान धान लेकर सोसायटियों, मंडियों में बैठे हुए कांग्रेस सरकार की राजनीति को देखते हुए मन ही मन कोस रहा है कि आखिर कैसी सरकार चुनकर बैठा दिया है।

बिचोलियों को कमाने का मौका दे रही है छत्तीसगढ़ सरकार

संतोष पांडे ने भूपेश सरकार को कड़े शब्दों में कहा कि वे राजनीतिक नौटंकी छोड़कर किसानों से किये वादे को अक्षरश: पालन करते हुए छत्तीसगढ़ के किसानों से 2500 रुपये में पूरा-पूरा धान खरीदें, एक माह देर से धान खरीदी का निर्णय कर बिचोलियों को कमाने का मौका दे रही है छत्तीसगढ़ सरकार|

दिल्ली जाकर मांग करने की नौटंकी करने से पहले कांग्रेस को सोचना चाहिए कि आखिर क्या दिल्ली के भरोसे इन लोगों ने घोषणा की थी? गंगाजल हाथ में लेकर दिल्ली से कांग्रेस के सभी नेता कसम खा कर गंगा जल का अपमान क्यों कर रहें थे जब इनको वादा पूरा ही नही करना था सत्ता के लिए केवल झूठ बोलना था तो।

भय और आतंक का माहौल खड़ा

वहीँ पूर्व साँसद अभिषेक सिंह ने कहा किसानों का एक-एक दाना धान 2500 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदने का दावा कर सरकार सत्ता तक पहुँच तो गयी पर साल भर नही लगा असलियत सामने आ गया। जैसे ही कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई ये लोग बगलें झांकने लगे हैं। किसान भी समझ रहें है पर हम ऐसे ही नही छोड़ेंगे एक एक वादा जब तक पूरा नही होगा हम किसान और छत्तीसगढ़ के जनता के साथ आन्दोल और धरना करेंगे। भय और आतंक का माहौल खड़ा कर वादे से नही मुकरा जा सकता।

कवर्धा किसानों को एक साल उनके गन्ने का भुगतान नही हुआ ,एक साल बाद भुगतान हुआ भी तो आधा अधूरा वादे के अनुसार तो 355 रुपये प्रति क्विंटल गना का भुगतान होना था पर आपने दिया क्या ? जवाब तो किसानों को देना होगा जिला भाजपा अध्यक्ष रामकुमार भट्ट ने कहा कि किसानों का धान मंडियों में, सोसाईटियों में ढेर लगा हुआ है।

बिचौलिये किसानों का धान औने-पौने में लेकर किसानों को भारी नुकसान पहुंच रहे हैं और यह अब सरकार की नाक के नीचे हो रहा है। सरकार में बैठे लोग सब देख रहे हैं। किसानों का धान मंडियों और सोसाईटियों में पहुंच चुका है।

किसान 1200 -1300 रुपये में धान बेचने में मजबूर है परंतु छत्तीसगढ़ सरकार को राजनीति सुझ रही है। आखिर किस हद तक गिरकर राजनीति की जा सकती है छत्तीसगढ़ के इतिहास में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है।

भाजपा के एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल

लानत है ऐसी राजनीति पर जो किसानों की हाय लेकर की जाती है। कांग्रेस पार्टी किसानों की हाय न ले अन्यथा बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है वही भाजपा के एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।

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